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Jammu Kashmir : घाटी में सुबह-सुबह कांपी धरती, रिक्टर पैमाने पर 3.6 रही भूकंप की तीव्रता
Fri, 17 Feb 2023 06:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 17 Feb 2023 06:33 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर भूकंप आया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 रही। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप पूर्वी कटरा से 97 किलोमीटर दूरी पर आया। भूकंप सवेरे 5 बजकर 1 मिनट पर आया। करीब एक महीने पहले डोडा और किश्तवाड़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
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An earthquake with a magnitude of 3.6 on the Richter Scale hit 97 km East of Katra, Jammu and Kashmir, today at 5:01 am IST: National Centre for Seismology pic.twitter.com/Gmv0giTHpx
— ANI (@ANI) February 17, 2023विज्ञापन
कठुआ में आपदा के दौरान बचाव स्थिति पर चर्चा
उधर, कठुआ में भूकंप जैसी आपदा के दौरान तैयारियों पर चर्चा की गई। वीरवार को डीसी राहुल पांडेय ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आपदा तैयारियों पर टेबल टॉप अभ्यास के दौरान कहा कि भूकंप और बाढ़ जैसे हालात में जिले की आपदा प्रबंधन की स्थिति के दौरान बचाव दल को अपने संचार तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।
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बैठक में उच्च तीव्रता वाले भूकंपों और अन्य आपदाओं के दौरान जान-माल के नुकसान और नुकसान को कम करने के लिए बचाव और पुनर्वास तैयारी योजना और रणनीति पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान डीसी ने भूकंप या बाढ़ जैसी बड़ी आपदा के दौरान विभागों के बीच समन्वित और निर्बाध संचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भूकंप या बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एक मजबूत संचार योजना पर काम करने की आवश्यकता है।
उन्होंने संबंधित विभागों को त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए खोज और बचाव के लिए उपयोग किए जाने वाले सैटेलाइट फोन और वायरलेस संचार उपकरणों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, अधिकारियों ने आपदा के समय नुकसान का आकलन कैसे किया जाए, इस पर विचार-विमर्श किया, ताकि आपदा प्रतिक्रिया और राहत अभियान के लिए संसाधनों का आवंटन किया जा सके।
डीसी ने खुली जगहों की पहचान करने पर जोर दिया जहां लोगों को सुरक्षा के लिए आपदाओं के समय अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जा सके। उन्होंने खतरों के लिए संवेदनशील मानचित्र तैयार करने और इमारतों और संरचनाओं की मजबूती के विवरण के संकलन के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने भूकंप प्रतिरोधी इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचे, संचार और संचार चैनलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, ताकि खतरे के प्रभाव को कम किया जा सके।
बैठक में एसएसपी, एडीडीसी, एडीसी, तहसीलदार मुख्यालय, एडी एफसीएस एंड सीए, अधीक्षक अभियंता जेपीडीसीएल, कार्यकारी अभियंता और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के अधिकारियों ने भाग लिया।