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Jammu News: बालटाल ट्रैक बहाल, नुनवान में तेजी से हटाई जा रही बर्फ
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- 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए युद्धस्तर पर की जा रहीं तैयारियां
- बालटाल व चंदनबाड़ी में 100 बिस्तर के दो अस्पताल तीन से चार दिन में होंगे शुरू
फिरदौस अहमद
गांदरबल। 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को परेशानी मुक्त बनाने के लिए पवित्र गुफा तक पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों पर युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। बालटाल ट्रैक से पवित्र गुफा तक बर्फ हटाने का काम पूरा कर इसे बहाल कर दिया गया है। नुनवान-चंदनबाड़ी ट्रैक पर महागुनस टॉप और पोशपथरी के दो हिस्सों से बर्फ हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों हिस्सों से जल्द बर्फ हटा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बालटाल और नुनवान के आधार शिविर स्थापित कर दिए गए हैं। बालटाल और चंदनबाड़ी में 100 बिस्तर वाले दो अस्पताल स्थापित किए गए हैं। ये तीन से चार दिन के भीतर काम करना शुरू कर देंगे। इन अस्पतालों का प्रबंधन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित किया जाएगा। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैक को दोनों अक्षों से बेहतर बनाया गया है। वर्ष 2012 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुपालन करते हुए ट्रैक को 12 फुट तक चौड़ा किया गया है।
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पवित्र गुफा के पास दोनों तरफ
सुरक्षा दीवार स्थापित की गई
पूरे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का काम ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय को सौंपा गया है। दोनों आधार शिविरों पर बिजली पानी की पर्याप्त आपूर्ति की गई है। श्रीनगर से पहलगाम और श्रीनगर से नीलग्राथ तक हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। पवित्र गुफा के पास 2022 की आपदा को देखते हुए एसएसबी ने तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं की समग्र सुरक्षा के लिए पवित्र गुफा से सटे आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पास कोई शिविर स्थापित नहीं करने का फैसला किया है। पवित्र गुफा के पास भी दोनों तरफ सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण करके और तल को गहरा कर नियंत्रित किया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति में पवित्र गुफा के नीचे बहने वाली उमरावती धारा में बह सके।
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पंथा चौक में नवनिर्मित यात्री निवास की तीन
मंजिला इमारत में ठहराए जाएंगे तीर्थयात्री
पवित्र गुफा और निचले क्षेत्र में 10 घाटों का निर्माण किया गया है, जहां पर्याप्त संख्या में तीर्थयात्री अनुष्ठान स्नान कर सकते हैं। दोनों ट्रैक पर संवेदनशील स्थानों पर एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं की सुरक्षा के लिए करीब 14 किलोमीटर क्षेत्र को दोनों तरफ से रेलिंग से कवर किया गया है। दो दर्जन से अधिक पुल स्थापित किए गए हैं। श्रीनगर के पंथा चौक में नवनिर्मित यात्री निवास की तीन मंजिला इमारत में तीर्थयात्री ठहराए जाएंगे। हालांकि पंथा चौक पर छह मंजिला यात्री निवास अभी निर्माणाधीन है, यहां तीन मंजिला का काम पूरा हो चुका है, उसका उपयोग किया जाएगा। पवित्र गुफा में चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा, पानी और बिजली की आपूर्ति एक-दो दिनों में पूरी हो जाएगी। दोनों मार्गों पर लंगर स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन अनिवार्य कर दी है। इसके बिना किसी भी यात्री को तीर्थयात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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- बालटाल व चंदनबाड़ी में 100 बिस्तर के दो अस्पताल तीन से चार दिन में होंगे शुरू
फिरदौस अहमद
गांदरबल। 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को परेशानी मुक्त बनाने के लिए पवित्र गुफा तक पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों पर युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। बालटाल ट्रैक से पवित्र गुफा तक बर्फ हटाने का काम पूरा कर इसे बहाल कर दिया गया है। नुनवान-चंदनबाड़ी ट्रैक पर महागुनस टॉप और पोशपथरी के दो हिस्सों से बर्फ हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों हिस्सों से जल्द बर्फ हटा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बालटाल और नुनवान के आधार शिविर स्थापित कर दिए गए हैं। बालटाल और चंदनबाड़ी में 100 बिस्तर वाले दो अस्पताल स्थापित किए गए हैं। ये तीन से चार दिन के भीतर काम करना शुरू कर देंगे। इन अस्पतालों का प्रबंधन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित किया जाएगा। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ट्रैक को दोनों अक्षों से बेहतर बनाया गया है। वर्ष 2012 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अनुपालन करते हुए ट्रैक को 12 फुट तक चौड़ा किया गया है।
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पवित्र गुफा के पास दोनों तरफ
सुरक्षा दीवार स्थापित की गई
पूरे यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का काम ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय को सौंपा गया है। दोनों आधार शिविरों पर बिजली पानी की पर्याप्त आपूर्ति की गई है। श्रीनगर से पहलगाम और श्रीनगर से नीलग्राथ तक हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। पवित्र गुफा के पास 2022 की आपदा को देखते हुए एसएसबी ने तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं की समग्र सुरक्षा के लिए पवित्र गुफा से सटे आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पास कोई शिविर स्थापित नहीं करने का फैसला किया है। पवित्र गुफा के पास भी दोनों तरफ सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण करके और तल को गहरा कर नियंत्रित किया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति में पवित्र गुफा के नीचे बहने वाली उमरावती धारा में बह सके।
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पंथा चौक में नवनिर्मित यात्री निवास की तीन
मंजिला इमारत में ठहराए जाएंगे तीर्थयात्री
पवित्र गुफा और निचले क्षेत्र में 10 घाटों का निर्माण किया गया है, जहां पर्याप्त संख्या में तीर्थयात्री अनुष्ठान स्नान कर सकते हैं। दोनों ट्रैक पर संवेदनशील स्थानों पर एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं की सुरक्षा के लिए करीब 14 किलोमीटर क्षेत्र को दोनों तरफ से रेलिंग से कवर किया गया है। दो दर्जन से अधिक पुल स्थापित किए गए हैं। श्रीनगर के पंथा चौक में नवनिर्मित यात्री निवास की तीन मंजिला इमारत में तीर्थयात्री ठहराए जाएंगे। हालांकि पंथा चौक पर छह मंजिला यात्री निवास अभी निर्माणाधीन है, यहां तीन मंजिला का काम पूरा हो चुका है, उसका उपयोग किया जाएगा। पवित्र गुफा में चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा, पानी और बिजली की आपूर्ति एक-दो दिनों में पूरी हो जाएगी। दोनों मार्गों पर लंगर स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन अनिवार्य कर दी है। इसके बिना किसी भी यात्री को तीर्थयात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।