अमरनाथ यात्रा: पहलगाम रूट अब भी बंद, बालटाल रूट से यात्रा जारी
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आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से तीसरे दिन शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा बहाल हुई। बालटाल रूट के लिए 107 छोटे-बड़े वाहनों से 3236 श्रद्धालु गए। इसमें 2355 पुरुष, 669 महिलाएं और 212 साधु शामिल रहे। कश्मीर घाटी में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए पहलगाम रूट को पिछले कई दिन से बंद रखा गया है।
बाबा के दरबार में हाजिरी देने के लिए देशभर से भक्तों का पहुंचना जारी है। इस बीच, 15वें दिन शनिवार को 3842 लोगों ने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही बाबा बर्फानी के दर्शन करने वालों की संख्या 1,68,341 तक पहुंच गई है।
शनिवार दोपहर बाद जम्मू आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा बहाल होने से यात्रियों ने राहत की सांस ली। कई यात्री ऐसे थे जो 3 से 4 दिन से आधार शिविर में फंसे हुए थे। इनमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल थीं।
बालटाल रूट के लिए 107 वाहनों से 3236 यात्री रवाना हुए
बालटाल रूट के लिए उन यात्रियों को भी राहत दी गई जिनका पहलगाम रूट से पंजीकरण हुआ है। हालांकि, पारंपरिक पहलगाम रूट से न भेजे जाने का यात्रियों को मलाल है। उनका कहना है कि रूट में बदलाव से उनके सारे शेड्यूल पर पानी फिर गया है।
शनिवार को शालामार स्थित महाजन हाल, रेलवे स्टेशन स्थित वैष्णवी धाम और सरस्वती धाम में सैकड़ों यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया गया। यात्रा रवाना होने से पूर्व सैकड़ों यात्री शिव खोड़ी, वैष्णो देवी सहित अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों का रुख कर गए।