{"_id":"600dcf7f8ebc3e31c77be793","slug":"amarnath-yatra-2021-jammu-city-news-jmu2276778200","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्री अमरनाथ यात्रा 2021: छह लाख भक्तों का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटेगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्री अमरनाथ यात्रा 2021: छह लाख भक्तों का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटेगा प्रशासन
विज्ञापन
अमरनाथ यात्रा को लेकर बैठक करते अधिकारी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। श्री अमरनाथ यात्रा 2021 के लिए प्रदेश प्रशासन छह लाख शिव भक्तों के यात्रा में पहुंचने का लक्ष्य लेकर तैयारी में जुटेगा। इसके लिए रविवार को श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की दसवीं उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने बैठक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा खासतौर से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर श्रद्धालुओं के काफिले की सुरक्षा से लेकर बालटाल और चंदनबाड़ी यात्रा मार्गों से लेकर पवित्र गुफा तक के सुरक्षा प्रबंधों करी समीक्षा की। उन्होंने बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों की मरम्मत व इन्हें और चौड़ा करने व यात्रा मार्ग पर सीमेंट टाइलें लगाने के निर्देश दिए। कंट्रोल गेटों में सुधार लाने, अस्थायी कैंपों को स्थापित करने, शेल्टर शेडों, स्वास्थ्य शिविरों और अन्य बुनियादी व आपात व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सुझाव के तहत संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने की तैयारी पर भी चर्चा की।
शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्गों को चौड़ा करने, रेलिंग लगाने, दीवार लगाने से लेकर बालटाल से यात्रा मार्ग पर विशेष तौर पर सीमेंट की टाइले लगाने के निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने जम्मू व कश्मीर के मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि वह प्रबंधों पर करीबी नजर रखें। यात्रा मार्ग खासतौर से कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन और बालटाल व चंदनबाड़ी में पारगमन शिविरों की स्थापना भी करवाई जाए।
विज्ञापन
लखनपुर से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक और वापसी के दौरान भी यात्रियों की सुरक्षित वापसी की कार्य योजना बने। सोनामर्ग और पहलगाम विकास प्राधिकरणों को श्राइन बोर्ड से चर्चा कर वैज्ञानिक तरीके से ठोस और तरल कचरा प्रबंधन करने के अलावा बायो टायलेट, डस्टबिन लगाने के भी निर्देश दिए गए। इस अवसर पर यात्रा पंजीकरण के अलावा ग्लैंडर्स बीमारी के लिए घोड़ों की जांच, घोड़ा शेड स्थापित करने और पशु कैंप स्थापित करने के लेकर घुड़सवारी सेवा के लिए प्रीपेड सिस्टम की भी समीक्षा की गई।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बैठक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा खासतौर से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर श्रद्धालुओं के काफिले की सुरक्षा से लेकर बालटाल और चंदनबाड़ी यात्रा मार्गों से लेकर पवित्र गुफा तक के सुरक्षा प्रबंधों करी समीक्षा की। उन्होंने बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों की मरम्मत व इन्हें और चौड़ा करने व यात्रा मार्ग पर सीमेंट टाइलें लगाने के निर्देश दिए। कंट्रोल गेटों में सुधार लाने, अस्थायी कैंपों को स्थापित करने, शेल्टर शेडों, स्वास्थ्य शिविरों और अन्य बुनियादी व आपात व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सुझाव के तहत संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने की तैयारी पर भी चर्चा की।
विज्ञापन
शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए यात्रा मार्गों को चौड़ा करने, रेलिंग लगाने, दीवार लगाने से लेकर बालटाल से यात्रा मार्ग पर विशेष तौर पर सीमेंट की टाइले लगाने के निर्देश जारी किए गए। मुख्य सचिव ने जम्मू व कश्मीर के मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि वह प्रबंधों पर करीबी नजर रखें। यात्रा मार्ग खासतौर से कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन और बालटाल व चंदनबाड़ी में पारगमन शिविरों की स्थापना भी करवाई जाए।
विज्ञापन
लखनपुर से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक और वापसी के दौरान भी यात्रियों की सुरक्षित वापसी की कार्य योजना बने। सोनामर्ग और पहलगाम विकास प्राधिकरणों को श्राइन बोर्ड से चर्चा कर वैज्ञानिक तरीके से ठोस और तरल कचरा प्रबंधन करने के अलावा बायो टायलेट, डस्टबिन लगाने के भी निर्देश दिए गए। इस अवसर पर यात्रा पंजीकरण के अलावा ग्लैंडर्स बीमारी के लिए घोड़ों की जांच, घोड़ा शेड स्थापित करने और पशु कैंप स्थापित करने के लेकर घुड़सवारी सेवा के लिए प्रीपेड सिस्टम की भी समीक्षा की गई।