बचाएं अपनों की जान...आइए रक्तदान से करें महादान, एक अक्टूबर को ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन का शिविर
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सामाजिक सरोकार की कड़ी में ‘अमर उजाला’ फाउंडेशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदाता दिवस पर एक अक्टूबर को ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग जीएमसी में रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसन विभाग जीएमसी के सहयोग से लगाए जा रहे इस शिविर का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में खून की बढ़ती कमी को पूरा करने के लिए रक्तदाताओं को जागरूक करने के साथ उनका अहम योगदान हासिल करना है। रक्तदान शिविर सुबह 10 बजे शुरू होगा।
पिछले कई वर्षों से अमर उजाला की ओर से नियमित तौर पर रक्तदान शिविर लगाया जा रहा है। जागरूकता के अभाव में रक्तदान के लिए अभी भी लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में पीड़ित के साथ तीमारदारों के लिए खून की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है।
जरूरत पड़ने पर खून न मिलने से कई मरीजों की जान चली जाती है। लोगों में इस प्रवृति और भ्रांतियों को दूर करने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन ने बीड़ा उठाया है। रेडक्रास अटेंडेंट सराय में लगाए जा रहे विशेष रक्तदान शिविर में इच्छुक रक्तदानी रक्तदान कर सकते हैं।
ये व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान
रक्तदान से पहले ये करें
1. खाली पेट रक्तदान के लिए न आएं
2. रक्तदान से पहले पर्याप्त पेय पदार्थ और स्वल्पाहार लें
3. रक्तदान से पहले तंबाकू, सिगरेट आदि नशीली वस्तु का सेवन न करें
रक्तदान से खून की जांच के दौरान रक्तदाता के भीतर की पांच बीमारियों की मौजूदा स्थिति का पता चलता है। इसमें एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस बी और सी, वीडीआरएल और मलेरिया शामिल हैं। कई रक्तदाताओं को रक्तदान के बाद खुद के भीतर पल रही ऐसी बीमारियों का पता चलता है।
ये व्यक्ति कर सकते हैं रक्तदान
कोई भी स्वस्थ स्त्री या पुरुष तीन माह के अंतराल में रक्तदान कर सकता है
रक्तदाता की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए।
शरीर का वजन न्यूनतम 45 किलो होना चाहिए।
हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम या इससे अधिक होना चाहिए।