{"_id":"62cdd37ee1e7ae066319466a","slug":"amar-nath-yatra-jammu-city-news-jmu263834844","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहलगाम के बाद बालटाल से भी अमरनाथ यात्रा बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहलगाम के बाद बालटाल से भी अमरनाथ यात्रा बहाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। अमरनाथ यात्रा के पारंपरिक रूट पहलगाम के बाद मंगलवार को बालटाल मार्ग से भी यात्रा को बहाल कर दिया गया। इसमें करीब दस हजार यात्रियों ने पवित्र गुफा के लिए प्रस्थान किया। अमरनाथ गुफा त्रासदी के बाद इन यात्रियों को बालटाल में रोका गया था। इस बीच देर शाम तक पांच हजार नए श्रद्धालु बालटाल पहुंच गए थे। पहलगाम से भी यात्रा जारी रही। पवित्र गुफा में मंगलवार को 10309 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इसके साथ ही आंकड़ा 1.31 लाख पहुंच गया है। आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से 7107 श्रद्धालुओं का जत्था कश्मीर के लिए भेजा गया।
अमरनाथ पवित्र गुफा त्रासदी के बाद बालटाल ट्रैक को दुरुस्त कर दिया गया है। एक उच्चाधिकारी ने बताया कि ट्रैक पर क्लीयरेंस मिलने के बाद ही मंगलवार को बालटाल से यात्रा शुरू की गई है। त्रासदी से ट्रैक का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। दोनों रूटों से यात्रा बहाल होने पर शिवभक्तों में भारी उत्साह है। त्रासदी के बावजूद भक्तों में जोश देखने लायक है। यात्रा रूट पर बम-बम भोले और जय शिव शंकर के जयघोष गूंज रहे हैं। इस बीच आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से बालटाल रूट के लिए 1949 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। इसमें 1195 पुरुष, 687 महिलाएं, 31 बच्चे, 34 साधु, 2 साधवी शामिल हैं। इसी तरह पहलगाम रूट से 5158 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। इसमें 4010 पुरुष, 1023 महिलाएं, 16 बच्चे, 79 साधु, 30 साध्वी शामिल हैं। मौसम साफ होने की सूरत में बुधवार भी दोनों ट्रैक से यात्रा बहाल रखी जाएगी।
---
आज निकलेगी अमरनाथ छड़ी मुबारक
जम्मू। अमरनाथ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ बुधवार को आषाढ़ पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) पर छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ जी यात्रा 2022 की शुरुआत होगी। पहले दिन पहलगाम में सुबह पारंपरिक भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद छड़ी मुबारक श्रीनगर के ऐतिहासिक मंदिरों में पहुंचकर आखिर में श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करेगी। छड़ी मुबारक के साथ साधु संत और अंतिम जत्थे में शामिल श्रद्धालु होंगे।
विज्ञापन
महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक को पूजन के बाद 28 जुलाई को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 29 जुलाई को शारिका भवानी मंदिर में ले जाया जाएगा। इसके अलावा अन्य दिनों में अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर, श्रीनगर दशनामी अखाड़े, पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी में होते हुए आखिर में छड़ी पवित्र गुफा में पहुंचेगी।
विज्ञापन
अमरनाथ पवित्र गुफा त्रासदी के बाद बालटाल ट्रैक को दुरुस्त कर दिया गया है। एक उच्चाधिकारी ने बताया कि ट्रैक पर क्लीयरेंस मिलने के बाद ही मंगलवार को बालटाल से यात्रा शुरू की गई है। त्रासदी से ट्रैक का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। दोनों रूटों से यात्रा बहाल होने पर शिवभक्तों में भारी उत्साह है। त्रासदी के बावजूद भक्तों में जोश देखने लायक है। यात्रा रूट पर बम-बम भोले और जय शिव शंकर के जयघोष गूंज रहे हैं। इस बीच आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से बालटाल रूट के लिए 1949 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। इसमें 1195 पुरुष, 687 महिलाएं, 31 बच्चे, 34 साधु, 2 साधवी शामिल हैं। इसी तरह पहलगाम रूट से 5158 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। इसमें 4010 पुरुष, 1023 महिलाएं, 16 बच्चे, 79 साधु, 30 साध्वी शामिल हैं। मौसम साफ होने की सूरत में बुधवार भी दोनों ट्रैक से यात्रा बहाल रखी जाएगी।
विज्ञापन
---
आज निकलेगी अमरनाथ छड़ी मुबारक
जम्मू। अमरनाथ यात्रा के आगे बढ़ने के साथ बुधवार को आषाढ़ पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा) पर छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ जी यात्रा 2022 की शुरुआत होगी। पहले दिन पहलगाम में सुबह पारंपरिक भूमि पूजन, नवग्रह पूजन और ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद छड़ी मुबारक श्रीनगर के ऐतिहासिक मंदिरों में पहुंचकर आखिर में श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन करेगी। छड़ी मुबारक के साथ साधु संत और अंतिम जत्थे में शामिल श्रद्धालु होंगे।
विज्ञापन
महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक को पूजन के बाद 28 जुलाई को ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर और 29 जुलाई को शारिका भवानी मंदिर में ले जाया जाएगा। इसके अलावा अन्य दिनों में अमरेश्वर मंदिर दशनामी अखाड़ा श्रीनगर, श्रीनगर दशनामी अखाड़े, पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग, पंचतरणी में होते हुए आखिर में छड़ी पवित्र गुफा में पहुंचेगी।