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कश्मीर में हिंसा के चलते ईद खरीदारी के बाजार से रौनक गायब
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 12 Sep 2016 09:50 PM IST
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लाल चौक में बंद पड़ी दुकानें
- फोटो : PTI
जश्न के माहौल में मनाई जाने वाली ईद घाटी में इस बार फीकी रहने के आसार हैं। बाजारों से रौनक गायब है। कहीं ईद की खरीददारी का सामान बिकने आया है तो नफे के बजाय घाटे का सौदा साबित हो रहा है।
सामान के दाम वही हैं मगर खरीददार नहीं मिल रहे। दो महीने से जारी हिंसा ईद की खुशियों पर ग्रहण साबित हो रही है।
दरअसल घाटी में आठ जुलाई के बाद से उपजे माहौल में लगातार हिंसा का दौर चल रहा है। 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 10 हजार से अधिक घायल हो चुके हैं। ऐसे माहौल में कहीं सरकारी पाबंदियां तो कहीं आतंकी तंजीमों और अलगाववादियों के फरमान घाटी के जनजीवन पर असर डाल रहे हैं।
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सामान के दाम वही हैं मगर खरीददार नहीं मिल रहे। दो महीने से जारी हिंसा ईद की खुशियों पर ग्रहण साबित हो रही है।
दरअसल घाटी में आठ जुलाई के बाद से उपजे माहौल में लगातार हिंसा का दौर चल रहा है। 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 10 हजार से अधिक घायल हो चुके हैं। ऐसे माहौल में कहीं सरकारी पाबंदियां तो कहीं आतंकी तंजीमों और अलगाववादियों के फरमान घाटी के जनजीवन पर असर डाल रहे हैं।
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हिजबुल ने ईद को सादगी के साथ मनाने का फरमान जारी किया
घाटी में कर्फ्यू जारी
- फोटो : PTI
ईद-उल-अजहा से जुड़ी बकरों की खरीददारी भी अछूती नहीं है। घाटी में हर साल ईद पर बकरों की मंडी लगाने वाले मोहम्मद यूसुफ खटाना ने बताया कि वे हर साल 1200 से 1500 बकरे बेच देते थे।
लेकिन इस बार माहौल ईद की रौनक के मुफीद नहीं है। वे 600 बकरे लाए हैं जिनमें से अभी तक महज 150 ही बमुश्किल बिक पाए हैं। खटाना के अनुसार ईद के कारोबार पर 80 फीसदी तक का असर पड़ा है।
उधर ईद के उत्साह पर सादगी के फरमान भी असर डाल रहे हैं। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के बाद अलगाववादियों ने भी ईद को सादगी के साथ मनाने का फरमान जारी किया है। अपील की शक्ल में अलगाववादियों ने घाटी में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों का हवाला देकर कहा है कि ईद मनाते समय जश्न के पहलु से परहेज रखा जाए।
लेकिन इस बार माहौल ईद की रौनक के मुफीद नहीं है। वे 600 बकरे लाए हैं जिनमें से अभी तक महज 150 ही बमुश्किल बिक पाए हैं। खटाना के अनुसार ईद के कारोबार पर 80 फीसदी तक का असर पड़ा है।
उधर ईद के उत्साह पर सादगी के फरमान भी असर डाल रहे हैं। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के बाद अलगाववादियों ने भी ईद को सादगी के साथ मनाने का फरमान जारी किया है। अपील की शक्ल में अलगाववादियों ने घाटी में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों का हवाला देकर कहा है कि ईद मनाते समय जश्न के पहलु से परहेज रखा जाए।