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Jammu News: शतरंज की बिसात पर दिमागी घोड़े दौड़ा अलंकृता ने बनाई पहचान
Sat, 20 Jul 2024 07:15 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sat, 20 Jul 2024 07:15 AM IST
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शतरंज खिलाड़ी अलंकृता शर्मा
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आठ साल की अलंकृता ने तीन साल की आयु से खेलना शुरू किया चेस, देखते-देखते बन गईं प्रदेश का सितारा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में शतरंज प्रेमी और खिलाड़ी हैं, जो शतरंज की बिसात पर दिमागी घोड़े दौड़ाकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इसमें जम्मू की आठ साल की अलंकृता शर्मा भी शामिल हैं। वह शह-मात के इस खेल में अपना परचम लहरा रही हैं।
चौथी कक्षा की छात्रा अलंकृता तीन साल की आयु से शतरंज खेल रही हैं। पिता ने बेटे (अलंकृता के भाई) के लिए चेस कोचिंग की व्यवस्था की थी। तब अलंकृता भाई के साथ बैठती और खेल को समझने का प्रयास करती। धीरे-धीरे यह खेल समझ आने लगा। एक समय ऐसा भी आया, जब उसने भी शतरंज खेलना शुरू किया। देखते-देखते अलंकृता इस खेल में प्रदेश का उभरता हुआ सितारा बन गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियन नेशनल कप में देश का प्रतिनिधित्व भी किया। स्मार्ट गर्ल्स एफआईओई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीता। 2023 में रेटिंग चेस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता।
एफआईडीई रेटेड टूर्नामेंट, एमपीएल नेशनल रैपिड चेस चैंपियनशिप सहित अन्य नामी चैंपियनिशप में भाग लिया। 2023 में उन्होंने अंडर-9 स्टेट चेस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। अंडर-11, अंडर 13 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2022 में अंडर-7, अंडर 9, अंडर 11, अंडर-13 अंडर-15 शतरंज चैंपियनशिप में पदक जीते हैं। अलंकृता वर्तमान में चडीगढ़ में राष्ट्रीय अंडर-17 चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इनके पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल तो माता जेकेएएस अधिकारी है। अलंकृता ने कहा कि शतरंज ओलंपियाड में देश का प्रतिनिधित्व करना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में शतरंज प्रेमी और खिलाड़ी हैं, जो शतरंज की बिसात पर दिमागी घोड़े दौड़ाकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इसमें जम्मू की आठ साल की अलंकृता शर्मा भी शामिल हैं। वह शह-मात के इस खेल में अपना परचम लहरा रही हैं।
चौथी कक्षा की छात्रा अलंकृता तीन साल की आयु से शतरंज खेल रही हैं। पिता ने बेटे (अलंकृता के भाई) के लिए चेस कोचिंग की व्यवस्था की थी। तब अलंकृता भाई के साथ बैठती और खेल को समझने का प्रयास करती। धीरे-धीरे यह खेल समझ आने लगा। एक समय ऐसा भी आया, जब उसने भी शतरंज खेलना शुरू किया। देखते-देखते अलंकृता इस खेल में प्रदेश का उभरता हुआ सितारा बन गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एशियन नेशनल कप में देश का प्रतिनिधित्व भी किया। स्मार्ट गर्ल्स एफआईओई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीता। 2023 में रेटिंग चेस टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीता।
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एफआईडीई रेटेड टूर्नामेंट, एमपीएल नेशनल रैपिड चेस चैंपियनशिप सहित अन्य नामी चैंपियनिशप में भाग लिया। 2023 में उन्होंने अंडर-9 स्टेट चेस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। अंडर-11, अंडर 13 चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2022 में अंडर-7, अंडर 9, अंडर 11, अंडर-13 अंडर-15 शतरंज चैंपियनशिप में पदक जीते हैं। अलंकृता वर्तमान में चडीगढ़ में राष्ट्रीय अंडर-17 चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इनके पिता सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल तो माता जेकेएएस अधिकारी है। अलंकृता ने कहा कि शतरंज ओलंपियाड में देश का प्रतिनिधित्व करना है।
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