{"_id":"653c1a9a265a6712d3039a2c","slug":"akhnoor-jyodian-army-shouting-reharsal-akhnoor-news-c-269-1-jou1001-420-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: कलीठ में फायरिंग अभ्यास की आवाज सुन सहम, लोग, लगा पाकिस्तान ने गोलाबारी शुरू कर दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: कलीठ में फायरिंग अभ्यास की आवाज सुन सहम, लोग, लगा पाकिस्तान ने गोलाबारी शुरू कर दी
विज्ञापन
ज्यौड़ियां। सीमावर्ती क्षेत्र की कलीठ फायरिंग रेंज पर शुक्रवार सुबह भारतीय सेना की ओर से किए गए फायरिंग अभ्यास की आवाज सुनकर क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल बन गया। लोगों ने सोचा कि एलओसी पर पलांवाला सेक्टर में भी पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़कर फायरिंग शुरू कर दी है। गोलियों की तड़तड़ाकर और धमाकों की सुनकर खेतों में काम करने गए लोग घरों की तरफ भागे। अपने सगे-संबंधियों और रिश्तेदारों को भी फोन लगाकर हालचाल जानकर सुरक्षित रहने के लिए कहा। हालांकि बाद में पता चला की फायरिंग रेंज में सेना अभ्यास कर रही है। संवाद
छंब की पंचायतों में बकरों की संख्या बढ़ाने की मांग
ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र की सीमावर्ती पंचायतों के लोगों ने गावों में बकरों की संख्या बढ़ाने की मांग सरकार से की है। पंचायत सामोआ की सरपंच अनुराधा शर्मा ने बताया कि जैसे अरनिया क्षेत्र में फायरिंग हुई है, उसको देखते हुए पलांवाला सेक्टर के लोग भी डरे हैं। पंचायत के सिर्फ एक ही गांव चपरेयाल में बंकर है। अन्य किसी भी गांव में बंकर नहीं है। पंचायत पलांवाला सेक्टर में जीरो लाइन पर स्थित है। अगर पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता है तो हमारे पास कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है। सरपंच मगों देवी ने बताया कि उनकी पंचायत बरडोह के वार्ड एक, दो और तीन के मोहल्ला फेयाल, चेलदा व काॅलोनी में भी बंकर नहीं बनाए गए हैं। गोलाबारी के दौरान घरों में ही छुपना पड़ता है। पंचायत में 100 के करीब परिवार हैं और बकरों की संख्या 25 है। तीन मोहल्लों में तो कोई बंकर नहीं है, इनमें 75 परिवार हैं। कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गांव छन्नी दिलाने के पंच राकेश कुमार ने बताया कि उनके गांव में सरकार ने सात बंकर बनाए थे, लेकिन सभी में पानी भरा है। संवाद
विज्ञापन
छंब की पंचायतों में बकरों की संख्या बढ़ाने की मांग
ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र की सीमावर्ती पंचायतों के लोगों ने गावों में बकरों की संख्या बढ़ाने की मांग सरकार से की है। पंचायत सामोआ की सरपंच अनुराधा शर्मा ने बताया कि जैसे अरनिया क्षेत्र में फायरिंग हुई है, उसको देखते हुए पलांवाला सेक्टर के लोग भी डरे हैं। पंचायत के सिर्फ एक ही गांव चपरेयाल में बंकर है। अन्य किसी भी गांव में बंकर नहीं है। पंचायत पलांवाला सेक्टर में जीरो लाइन पर स्थित है। अगर पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता है तो हमारे पास कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है। सरपंच मगों देवी ने बताया कि उनकी पंचायत बरडोह के वार्ड एक, दो और तीन के मोहल्ला फेयाल, चेलदा व काॅलोनी में भी बंकर नहीं बनाए गए हैं। गोलाबारी के दौरान घरों में ही छुपना पड़ता है। पंचायत में 100 के करीब परिवार हैं और बकरों की संख्या 25 है। तीन मोहल्लों में तो कोई बंकर नहीं है, इनमें 75 परिवार हैं। कई बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गांव छन्नी दिलाने के पंच राकेश कुमार ने बताया कि उनके गांव में सरकार ने सात बंकर बनाए थे, लेकिन सभी में पानी भरा है। संवाद
विज्ञापन