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Jammu Kashmir: अजातशत्रु ने जयराम रमेश पर साधा निशाना, बोले- जयराम को इतिहास का ज्ञान नहीं
Sun, 06 Nov 2022 01:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 06 Nov 2022 01:45 PM IST
सार
अजातशत्रु सिंह का कहना हैं कि महाराजा हरि सिंह सच्चे देश भक्त थे। 1925 में उन्होंने लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन में अंग्रेजों को भारत छोड़ने को कहा था। उसके बाद अंग्रेज भी उनके खिलाफ हो गए थे।
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Ajatshatru Singh
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय पर उनके हालिया लेख की महाराजा हरि सिंह के पौत्र एवं डॉ. कर्ण सिंह के पुत्र अजातशत्रु सिंह ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जयराम रमेश को जम्मू-कश्मीर के इतिहास का ज्ञान नहीं है। उल्लेखनीय है कि डॉ. कर्ण सिंह भी जयराम रमेश के लेख में पिता महाराजा हरि सिंह पर की गई टिप्पणी को अस्वीकार्य बताते हुए जयराम रमेश की निंदा कर चुके हैं।
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अजातशत्रु सिंह का कहना हैं कि महाराजा हरि सिंह सच्चे देश भक्त थे। 1925 में उन्होंने लंदन में हुए गोलमेज सम्मेलन में अंग्रेजों को भारत छोड़ने को कहा था। उसके बाद अंग्रेज भी उनके खिलाफ हो गए थे। देश की स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रथम प्रधानमंत्री बने। शेख अब्दुल्ला से उनकी दोस्ती थी और उन्होंने महाराजा हरि सिंह के साजिशन जम्मू-कश्मीर से बाहर निकालने का काम किया। जम्मू-कश्मीर के मसले को पेचीदा बनाया।
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प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर के मसले पर फैसला लेने से नेहरू ने रोका और अपने हाथ में यह मसला रखा, जिससे आज तक देश को नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार ने महाराजा हरि सिंह के साथ न्याय किया। उनके जन्मदिवस पर अवकाश के अलावा विलय दिवस पर भी अवकाश घोषित किया। उल्लेखनीय है कि अजातशत्रु सिंह प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।
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Jammu Kashmir: डॉ. कर्ण सिंह ने कहा- मेरे लेख पर जयराम रमेश की टिप्पणी संदर्भ से परे और भ्रामक