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बिजली आपूर्ति: जम्मू-कश्मीर में लगेंगे स्मार्ट मीटर, 21 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य
Thu, 08 Sep 2022 04:06 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 08 Sep 2022 04:06 AM IST
सार
मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने जम्मू-कश्मीर में वितरण क्षेत्र में किए जाने वाले संभावित सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (टीएंडडी) नुकसान को कम करने के लिए काम करने को कहा।
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मुख्य सचिव अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए
- फोटो : पीआरओ
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विस्तार
दूसरे चरण में जम्मू और श्रीनगर शहरों में जुलाई 2023 तक लगभग 6 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि पहले चरण में 115000 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। कुल 21 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
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यह बात मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने जम्मू-कश्मीर में वितरण क्षेत्र में किए जाने वाले संभावित सुधारों पर चर्चा के लिए हुई बैठक में कही। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (टीएंडडी) नुकसान को कम करने के लिए काम करने को कहा।
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हर वर्ष कम से कम 10 प्रतिशत तक कम किया जाए। उन्होंने उपभोक्ताओं से लंबित देनदारियों की वसूली के अलावा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
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मुख्य सचिव ने स्मार्ट मीटर लगाने और घाटे को कम करने के संबंध में सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए निर्देश दिए। प्रयास है कि अगले कुछ वर्षों में सभी उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाए।
स्मार्ट मीटरिंग कार्य पर 1046.71 करोड़ खर्च
बताया गया कि विभाग द्वारा आरडीएसएस के तहत 1046.71 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट मीटरिंग कार्य और 4595.20 करोड़ रुपये की लागत से नुकसान कम करने का कार्य किया जाना है। अगले कुछ वर्षों में यहां के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली की सुविधा दी जाएगी।