फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   agriculuturr awearness

Jammu News: महिलाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण देकर बनाया जा रहा आत्मनिर्भर

विज्ञापन
agriculuturr awearness
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ज्यौड़ियां। खौड़ में बासमती की निर्यातक कंपनी नेचर बायोफूड्स की तरफ से क्षेत्र के किसानों को स्वच्छ व्यापार जैविक खेती के कार्यक्रम को चलाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ किसानों के बच्चों के लिए गांव-गांव ट्यूशन सेंटर और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए क्षेत्र में सिलाई सेंटर खोले जा रहे हैं। जहां महिलाओं को टेलरिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है।
शुक्रवार को खौड़ के गांव घिगडेयाल में चल रहे सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुक्रवार को समापन हो गया। केंद्र में क्षेत्र की तीस महिलाओं ने सिलाई और कटाई का प्रशिक्षण लिया जिनको आज प्रमाणपत्र भी दिए गए। इस मौके पर तहसीलदार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं इस पूरे प्रशिक्षण में प्रथम स्थान पर रही सुनेखा देवी को एक सिलाई मशीन भी इनाम के तौर पर दी गई। कंपनी के अधिकारी विवेक शाही, प्रदीप मिश्रा ने बताया कि उनके द्वारा खौड़ के किसानों के बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन ट्यूशन केंद्र चलाए जा रहे हैं, जहां दो सौ के करीब बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलने का समान भी दिया गया है, जिससे बच्चों की खेलों की तरफ भी रुचि बढे़गी। अधिकारी ने बताया कि पंचायत मट्टू में इसी माह एक महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर खोला जाएगा। वहीं खेतीबाड़ी के बारे में पूछने पर अधिकारी विवेक शाही ने बताया कि हमने क्षेत्र में स्वच्छ व्यापार जैविक खेती कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में जैविक खेती करने वाले क्षेत्र के लगभग दो हजार किसानों को नेचुरल बायो फूड्स की तरफ से समुचित परिक्षण, जैविक खेती के तरीके जैविक विधि से कीट-नियंत्रण सिखाया जा रहा है। क्षेत्र के किसान भी कंपनी से जुड़ कर लाभ ले रहे हैं, और हमारी भी कोशिश है कि गरीब किसानों को लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने ने बताया कि स्वच्छ व्यापार जैविक बासमती उत्पादन कार्यक्रम से जु़डे किसानों को कंपनी की तरफ से परिक्षण, जानकारी सुझाव के साथ साथ मिट्टी की जांच कर जिंक बासमती में रोग नियंत्रण के लिये जैविक दवाएं, किसानों को घरों में गुणवत्ता युक्त खाद तैयार करने के लिए वरमी कंपोस्टिक यूनिट, स्थानीय पेड़ पौधों से जैविक दवा बनाने के लिए एक-एक ड्रम तथा मोटर से चलने वाला एक-एक छिड़काव पंप दिया जा रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि कंपनी का उद्देश्य किसानों की आजीविका सुधार के साथ-साथ खेत की मिट्टी तथा पर्यावरण को भी बचाना है। इसमें गुणवत्ता युक्त जैविक बासमती का उत्पादन किया जा सके। कंपनी की तरफ से बनाए गए क्षेत्र के किसानों के संगठन के प्रमुख सेवानिवृत्त सुबेदार व किसान ओमप्रकाश चौधरी ने तथा क्षेत्र के किसानों ने कंपनी की इस पहल को एक सराहनीय कदम बताया है। किसान ओम प्रकाश चौधरी ने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी इस कंपनी से जुड़ कर खेतीबाड़ी संबंधी लाभ लेने के लिया आग्रह किया। वहीं कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण में क्षेत्र के एक हजार किसानों को इस वर्ष कंपनी लाभांवित कर रही है, और आगे भी क्षेत्र में कंपनी की तरफ से कई महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत कार्य करना है। इसके के लिए कंपनी की तरफ से फंड्स भी जारी कर दिए गया है।इस मौके पर क्षेत्र के प्रमुख किसान सेनानिवृत्त सुबेदार अवतार सिंह, जनक सिंह आदि ने बताया कि यह कंपनी हमारे लिए बहुत ही लाभदायक साबित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed