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धान की रोपाई के लिए नहीं मिल रहे श्रमिक किसान परेशान

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रामगढ़ क्षेत्र के सीमावर्ती गांव चक नाजर पंचायत में निरीक्षण करते कृषि ​अधिकारी।
सांबा। जिला भर में इन दिनों धान की रोपाई का काम शुरू किया जाना है, लेकिन श्रमिकों के नहीं मिलने से किसान काफी परेशान हैं। किसान राज कुमार, चानन सिंह, बाबू राम, देसराज आदि ने बताया कि धान की रोपाई का समय चल रहा है। किसानों ने भूमि की तैयारी भी शुरू कर दी है, लेकिन श्रमिकों के नहीं मिलने से किसान चिंतित हैं। उनके अनुसार कोरोना महामारी के चलते श्रमिक अपने गृह राज्य चले गए हैं। ऐसे में बिना श्रमिकों के धान की रोपाई करना भी असंभव है। उनके अनुसार पंजाब से भी श्रमिक नहीं आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में क्वारंटीन में रहने के डर से श्रमिक यहां नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसान एक बार फिर से चिंता में हैं कि उनकी धान की रोपाई कैसे होगी। उनका कहना है कि प्रशासन को प्रवासी मजदूरों को वापस नहीं भेजना चाहिए था। उन्हें राशन आदि की आपूर्ति की जाती तो वह रुक सकते थे, लेकिन प्रशासन की ओर से भी प्रवासी मजदूरों की सुध नहीं ली गई, जिस कारण उन्हें घरों में जाना पड़ा।
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कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को जागरूक किया
रामगढ़। सीमावर्ती गांव चक नाजर पंचायत में सोमवार को कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को सीडर और अन्य फसलों के लिए जागरूक किया। वहीं करीवा नीदी एसएमएस सांबा, अजीत सिंह एईओ रामगढ़, उदय जेएईओ, सुखदेव सिंह मौजूद रहे। सीमावर्ती गांव चक नाजर पंचायत के किसान, नायब सरपंच टिंकू चौधरी, सुखदेव सिंह, तारा चंद, विजय चौधरी, भगवान चौधरी ने विभाग के कर्मचारियों को बताया कि इस समय हमें धान लगाने के लिए लेबर की जरूरत है। हम सभी किसान मांग करते हैं कि हमें जल्द से जल्द लेबर मुहैया कराई जाएं ताकि हमारे क्षेत्र के खेतों में धान लग पाए। संवाद
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