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उपयुक्त ने बर्बाद हुई धान की फसल का मुआयना किया
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अरनिया। गत सप्ताह बारिश व ओले गिरने से बर्बाद हुई धान की फसल का उपायुक्त अंशुल गर्ग ने मुआयना किया। इस किसानों के प्रति दुख व्यक्त किया। दूसरी तरफ कुछ किसानों से उपायुक्त के उनसे न मिलने पर रोष जताया।
त्रेवा सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि मैंने त्रेवा में उपायुक्त के कुछ देर रुकने का कार्यक्रम रखा था। त्रेवा सेंटर प्लेस होने से यहां काफी किसान इकठ्ठा होकर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। मगर जैसे ही वो यहां पहुंचे तो उनका काफिला सीधे सूचेतगढ़ की तरफ चला गया। यहां बात करने के लिए बैठे सैकड़ों किसान आगे बढ़ते काफिले को भीगी आंखों से देखते रहे। आरोप लगाया कि यहां न रुकने के पीछे स्थानीय डीडीसी सदस्य व वीडीसी अध्यक्ष की साजिश रही है। उन लोगों ने उपायुक्त को किसानों से न मिलने के लिए कहा था, जिसका मेरे पास सबूत भी है।
चंगिया के पूर्व सरपंच व पंच रघुवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने 90 से सौ प्रतिशत नुकसान माना है। वो यही आंकड़ा राज्य प्रशासन को भी सौंपेंगे। आगे प्रशासन ही नुकसान का आंकड़ा तय करेगा। बीडीसी अध्यक्ष कुलदीप राज ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि ऐसा मैंने कहा ही नहीं था। जब उपायुक्त हमारे क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने पहले ही कह दिया था कि मैंने बैठक में भी जाना है। मात्र दो तीन स्पाट बता दो, जिस पर मैंने उनको मजूया, बहादुर व अला में रुकना का बताया और वो वहां रुके और किसानों से बातचीत भी की।
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त्रेवा सरपंच बलबीर कौर ने कहा कि मैंने त्रेवा में उपायुक्त के कुछ देर रुकने का कार्यक्रम रखा था। त्रेवा सेंटर प्लेस होने से यहां काफी किसान इकठ्ठा होकर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। मगर जैसे ही वो यहां पहुंचे तो उनका काफिला सीधे सूचेतगढ़ की तरफ चला गया। यहां बात करने के लिए बैठे सैकड़ों किसान आगे बढ़ते काफिले को भीगी आंखों से देखते रहे। आरोप लगाया कि यहां न रुकने के पीछे स्थानीय डीडीसी सदस्य व वीडीसी अध्यक्ष की साजिश रही है। उन लोगों ने उपायुक्त को किसानों से न मिलने के लिए कहा था, जिसका मेरे पास सबूत भी है।
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चंगिया के पूर्व सरपंच व पंच रघुवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने 90 से सौ प्रतिशत नुकसान माना है। वो यही आंकड़ा राज्य प्रशासन को भी सौंपेंगे। आगे प्रशासन ही नुकसान का आंकड़ा तय करेगा। बीडीसी अध्यक्ष कुलदीप राज ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि ऐसा मैंने कहा ही नहीं था। जब उपायुक्त हमारे क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने पहले ही कह दिया था कि मैंने बैठक में भी जाना है। मात्र दो तीन स्पाट बता दो, जिस पर मैंने उनको मजूया, बहादुर व अला में रुकना का बताया और वो वहां रुके और किसानों से बातचीत भी की।
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