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किसानों का र्दद सुनने पहुचे कई पार्टीयों के नेता
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कांग्रेस के नेता मोहन सिंह चौधरी किसानों की ओलावृष्टी से खराव हुइ धान की फसल देखते हुए
- फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता चौधरी मोहन सिंह ने रविवार को सुचेतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौराकर बारिश तथा ओले गिरने से नष्ट हुई धान की फसल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाए, ताकि किसान अपनी अगली फसल लगा सकें।
कांग्रेस नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने मुआवजा देने में देरी की तो कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। किसान बलदेव सिंह, राज कुमार, नरेश कुमार, सरदारी लाल ने बताया कि गत दिवस हुई भारी बारिश तथा ओलावृष्टि के कारण धान की फसल पूरी तरह से नष्ट होने पर किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। किसानों ने बताया कि अधिकतर ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्जा लेकर अपनी धान की फसल लगाई थी, लेकिन कुदरत की मार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। अगर जल्द से जल्द किसानों को सरकार की तरफ से मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
किसानों ने बताया कि शनिवार सुबह ओले गिरने से सुचेतगढ़ की कई पंचायत के किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। किसानों ने कांग्रेस नेता से अपील करते हुए कहा कि वह उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाएं। ताकि सरकार जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दे। कांग्रेस नेता चौधरी मोहन सिंह ने किसानों को विश्वास दिलाया कि उनके लिए संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर बलदेव सिंह,चमेल सिंह आदि लोग भी मौजूद रहे ।
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दूसरी और कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद तरलोक सिंह बाजवा ने सई सेक्टर का दौरा कर किसानों की खराब हुई धान खेतों में पहुंच देखने के साथ आश्वासन दिया कि उनका पक्ष सरकार के समक्ष रख समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओले के चलते किसानों की सौ प्रतिशत धान खराब होने पर किसानों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का दारोमदार खेतीबाड़ी पर निर्भर है। प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को आनेवाले दिनों में रोजीरोटी के लिए परेशानियों का सामना करना पडे़गा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी विभाग का कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी सभा में किसानों की बात तक नहीं की। जबकि गृहमंत्री खुद राज्य के दौरे पर हैं।
किसानों को सताने लगी रोजीरोटी की चिंता
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ धान, मक्की और बाजरे की फसल खराब होने, किसानों को रोजीरोटी की चिंता सताने लगी है। इससे क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि बरबाद हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए।
जानकारी के अनुसार शनिवार को भारी बारिश और ओले के चलते अखनूर, चौकी चौहरा, मैरा मेंदरिया, खौड़, परगवाल सहित अन्य कई क्षेत्रों में खड़ी धान, मक्की, बाजरे सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तैयार होने की कगार पर खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों ने को फसल से बीज मिलने की आस छोड़ दी है।
सुंगल पंचायत की सरपंच अंजू शर्मा ने बताया कि बारिश और ओले से कई किसानों की फसलें बरबाद हो गई। धान, मक्की और बाजरे की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। फसल एक तरफ झुक गई है। हालांकि फसल तैयार होने की कगार पर थी। उन्होंने बताया कि किसानों को परिवार की रोजीरोटी के लाले पड़ते नजर आ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहन लाल ने बताया कि बारिश और ओले से किसानों को परिवार के पालन पोषण के लिए चिंता सताने लगी है। सरकार को चाहिए क्षतिग्रस्त फसल का आकलन करके मुआवजा दिया जाए।
किसान केपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बारिश से सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो गई है। जो फसल से बीज मिलने की संभावना नाममात्र की है। सरकार को मुआवजा को घोषणा की जानी चाहिए। पूर्व सरपंच साईं दास ने बताया कि तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों के खड़ी फसल खराब हो गई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नाले और मार्गों पर भी बारिश का पानी आया था। मगर सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को उठाना पड़ा है।
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कांग्रेस नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने मुआवजा देने में देरी की तो कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। किसान बलदेव सिंह, राज कुमार, नरेश कुमार, सरदारी लाल ने बताया कि गत दिवस हुई भारी बारिश तथा ओलावृष्टि के कारण धान की फसल पूरी तरह से नष्ट होने पर किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। किसानों ने बताया कि अधिकतर ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्जा लेकर अपनी धान की फसल लगाई थी, लेकिन कुदरत की मार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर कर रख दिया है। अगर जल्द से जल्द किसानों को सरकार की तरफ से मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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किसानों ने बताया कि शनिवार सुबह ओले गिरने से सुचेतगढ़ की कई पंचायत के किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। किसानों ने कांग्रेस नेता से अपील करते हुए कहा कि वह उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाएं। ताकि सरकार जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दे। कांग्रेस नेता चौधरी मोहन सिंह ने किसानों को विश्वास दिलाया कि उनके लिए संघर्ष किया जाएगा। इस मौके पर बलदेव सिंह,चमेल सिंह आदि लोग भी मौजूद रहे ।
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दूसरी और कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद तरलोक सिंह बाजवा ने सई सेक्टर का दौरा कर किसानों की खराब हुई धान खेतों में पहुंच देखने के साथ आश्वासन दिया कि उनका पक्ष सरकार के समक्ष रख समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओले के चलते किसानों की सौ प्रतिशत धान खराब होने पर किसानों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का दारोमदार खेतीबाड़ी पर निर्भर है। प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों को आनेवाले दिनों में रोजीरोटी के लिए परेशानियों का सामना करना पडे़गा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी विभाग का कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी सभा में किसानों की बात तक नहीं की। जबकि गृहमंत्री खुद राज्य के दौरे पर हैं।
किसानों को सताने लगी रोजीरोटी की चिंता
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि से सैकड़ों एकड़ धान, मक्की और बाजरे की फसल खराब होने, किसानों को रोजीरोटी की चिंता सताने लगी है। इससे क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि बरबाद हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए।
जानकारी के अनुसार शनिवार को भारी बारिश और ओले के चलते अखनूर, चौकी चौहरा, मैरा मेंदरिया, खौड़, परगवाल सहित अन्य कई क्षेत्रों में खड़ी धान, मक्की, बाजरे सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तैयार होने की कगार पर खड़ी फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों ने को फसल से बीज मिलने की आस छोड़ दी है।
सुंगल पंचायत की सरपंच अंजू शर्मा ने बताया कि बारिश और ओले से कई किसानों की फसलें बरबाद हो गई। धान, मक्की और बाजरे की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। फसल एक तरफ झुक गई है। हालांकि फसल तैयार होने की कगार पर थी। उन्होंने बताया कि किसानों को परिवार की रोजीरोटी के लाले पड़ते नजर आ रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहन लाल ने बताया कि बारिश और ओले से किसानों को परिवार के पालन पोषण के लिए चिंता सताने लगी है। सरकार को चाहिए क्षतिग्रस्त फसल का आकलन करके मुआवजा दिया जाए।
किसान केपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बारिश से सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो गई है। जो फसल से बीज मिलने की संभावना नाममात्र की है। सरकार को मुआवजा को घोषणा की जानी चाहिए। पूर्व सरपंच साईं दास ने बताया कि तेज बारिश और ओलावृष्टि से खेतों के खड़ी फसल खराब हो गई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नाले और मार्गों पर भी बारिश का पानी आया था। मगर सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को उठाना पड़ा है।