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Jammu News: धान की हरी फसल को पीला कर रहा लाल कीड़ा
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेतों का किया दौरा, दवाइयों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। धान की फसल पर इस समय लाल कीड़े का आक्रमण शुरू हो गया है। यह कीड़ा पौधे की जड़ को खत्म कर रहा है। इसके कारण पौधा पीला होकर खत्म होता जा रहा है। यह देखकर किसान चिंतित हैं।
वहीं, दूसरी ओर कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि करियाल खुर्द के किसान सुनील सिंह धान के पौधे लेकर आए थे। इसके बाद उनके खेतों का दौरा किया गया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए 5 किलो फिपरोनिल और 5 किलो कार्बोफुरान को मिलाकर एक एकड़ जमीन में डालें। खेतों से पानी निकालकर खाद की तरह धान की फसल पर छिड़काव करना है। चार से पांच दिन तक उसमें सिंचाई नहीं करनी है। इससे धान की फसल पर लाल कीड़े का आक्रमण खत्म हो जाएगा। पौधा दोबारा से हरियाली पकड़ लेगा।
कृषि अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि इस समय मौसम लाल कीड़े की बीमारी का है। उमस ज्यादा होने से कीड़े की उत्पत्ति हो रही है। हालांकि, दवाइयों के छिड़काव से इस पर पूर्ण रूप से काबू पाया जा सकता है। क्षेत्र में इस समय धान की फसल बड़े पैमाने पर लगी है। लोगों की मुख्य फसल ही धान है। लेकिन, बीमारी की जद में आने से ज्यादातर किसान चिंतित हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। धान की फसल पर इस समय लाल कीड़े का आक्रमण शुरू हो गया है। यह कीड़ा पौधे की जड़ को खत्म कर रहा है। इसके कारण पौधा पीला होकर खत्म होता जा रहा है। यह देखकर किसान चिंतित हैं।
वहीं, दूसरी ओर कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि करियाल खुर्द के किसान सुनील सिंह धान के पौधे लेकर आए थे। इसके बाद उनके खेतों का दौरा किया गया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए 5 किलो फिपरोनिल और 5 किलो कार्बोफुरान को मिलाकर एक एकड़ जमीन में डालें। खेतों से पानी निकालकर खाद की तरह धान की फसल पर छिड़काव करना है। चार से पांच दिन तक उसमें सिंचाई नहीं करनी है। इससे धान की फसल पर लाल कीड़े का आक्रमण खत्म हो जाएगा। पौधा दोबारा से हरियाली पकड़ लेगा।
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कृषि अधिकारी महेश शर्मा ने बताया कि इस समय मौसम लाल कीड़े की बीमारी का है। उमस ज्यादा होने से कीड़े की उत्पत्ति हो रही है। हालांकि, दवाइयों के छिड़काव से इस पर पूर्ण रूप से काबू पाया जा सकता है। क्षेत्र में इस समय धान की फसल बड़े पैमाने पर लगी है। लोगों की मुख्य फसल ही धान है। लेकिन, बीमारी की जद में आने से ज्यादातर किसान चिंतित हैं।
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