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जम्मू-कश्मीर में ई स्टैंपिंग जल्द
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जम्मू। जम्मू कश्मीर में शीघ्र ई स्टैंपिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। प्रदेश प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत पंजीकरण प्रणाली को शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसे सुविधाजनक, पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने हाल ही में स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ई स्टैंपिंग के शीर्ष रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
वित्तीय आयुक्त राजस्व और पंजीकरण महानिरीक्षक डॉ. पवन कोतवाल ने मंगलवार को ई स्टैंपिंग को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। एसएचसीआईएल के जेएंडके शाखा प्रमुख हरमनदीप सिंह ने एफसी को अवगत कराया कि ई-स्टैंपिंग को केंद्र शासित प्रदेश में लागू करने के लिए एजेंसी को एसआरओ कार्यालयों की प्रमाणित सूची और उनके स्थान के आधार पर उपयोगकर्ता आईडी बनाने के लिए संपर्क विवरण, लाइसेंस की सूची की आवश्यकता होती है। डॉ. कोतवाल ने एसएचसीआईएल के साथ बेहतर समन्वय के लिए रफीक अहमद जराल को नोडल अफसर नियुक्त किया। ई-स्टैंपिंग को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए डॉ. कोतवाल ने एआईजीआर, जम्मू/कश्मीर को मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। ई-स्टैंपिंग सुविधा से न केवल जनता को स्टैंप शुल्क के भुगतान में आसानी होगी, बल्कि सरकार को भी इससे लाभ होगा, क्योंकि इससे स्टैंप पेपर की छपाई, भंडारण और परिवहन की लागत बचेगी। मौजूदा प्रणाली की तुलना में ई-स्टैंपिंग प्रक्रिया सुरक्षित, सस्ती, समय की बचत और विश्वसनीय है।
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वित्तीय आयुक्त राजस्व और पंजीकरण महानिरीक्षक डॉ. पवन कोतवाल ने मंगलवार को ई स्टैंपिंग को शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। एसएचसीआईएल के जेएंडके शाखा प्रमुख हरमनदीप सिंह ने एफसी को अवगत कराया कि ई-स्टैंपिंग को केंद्र शासित प्रदेश में लागू करने के लिए एजेंसी को एसआरओ कार्यालयों की प्रमाणित सूची और उनके स्थान के आधार पर उपयोगकर्ता आईडी बनाने के लिए संपर्क विवरण, लाइसेंस की सूची की आवश्यकता होती है। डॉ. कोतवाल ने एसएचसीआईएल के साथ बेहतर समन्वय के लिए रफीक अहमद जराल को नोडल अफसर नियुक्त किया। ई-स्टैंपिंग को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए डॉ. कोतवाल ने एआईजीआर, जम्मू/कश्मीर को मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए। ई-स्टैंपिंग सुविधा से न केवल जनता को स्टैंप शुल्क के भुगतान में आसानी होगी, बल्कि सरकार को भी इससे लाभ होगा, क्योंकि इससे स्टैंप पेपर की छपाई, भंडारण और परिवहन की लागत बचेगी। मौजूदा प्रणाली की तुलना में ई-स्टैंपिंग प्रक्रिया सुरक्षित, सस्ती, समय की बचत और विश्वसनीय है।
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