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नदी नालों से रेत, बजरी और पत्थर निकालने पर रोक से लोगों में रोष
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बाड़ी ब्राह्मणा। नदी नालों से रेत बजरी निकाले जाने से परमंडल ब्लाक के लोगों में काफी रोष है। दयोन के सरपंच मोहम्मद रशीद ने बताया कि प्रशासन ने इस पर रोक लगाए जाने से दिहाड़ी मजदूरों और श्रमिक वर्ग की परेशानी बढ़ गई है। यह लोग रेत, बजरी निकालकर बेचते हैं और उससे उनके घर का खर्च चलता है।
उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ पहले जो सामग्री हम घर से मंगा लेेते थे, अब उसके लिए दूर दराज के क्षेत्र से मंगवाना पड़ रहा है। इससे लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इलाके में जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं वह सभी प्रशासन के इस फैसले से जूझ रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय लोगों में घर की मरम्मत को लेकर परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग ट्रैक्टर आदि चलाकर आजीविका कमाते हैं, उन्हें भी रोजी रोटी से वंचित रहना पड़ रहा है। इस मौके पर सरपंच परमंडल उत्तर वाहिनी और मंडाल के सरपंच ने कहा कि प्रशासन को अपने इस फैसले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आम लोगों को इस समस्या से निजात दिलानी चाहिए। वहीं खनन विभाग द्वारा रेत बजरी और पत्थर पर रोक लगाए जाने का मुख्य कारण अवैध खनन बताया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ पहले जो सामग्री हम घर से मंगा लेेते थे, अब उसके लिए दूर दराज के क्षेत्र से मंगवाना पड़ रहा है। इससे लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इलाके में जो भी निर्माण कार्य चल रहे हैं वह सभी प्रशासन के इस फैसले से जूझ रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय लोगों में घर की मरम्मत को लेकर परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग ट्रैक्टर आदि चलाकर आजीविका कमाते हैं, उन्हें भी रोजी रोटी से वंचित रहना पड़ रहा है। इस मौके पर सरपंच परमंडल उत्तर वाहिनी और मंडाल के सरपंच ने कहा कि प्रशासन को अपने इस फैसले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आम लोगों को इस समस्या से निजात दिलानी चाहिए। वहीं खनन विभाग द्वारा रेत बजरी और पत्थर पर रोक लगाए जाने का मुख्य कारण अवैध खनन बताया जा रहा है।
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