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किसानो पर आबियाना थोपने पर बसपा का प्रदर्शन
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बसपा द्वारा किसानों पर आवियाना लगाए जानेपर विरोध- प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा नहर के पानी का सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने वाले किसानों से आबियाना वसूलने संबंधी जारी निर्देश का बहुजन समाज पार्टी ने विरोध किया है। बुधवार को बसपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सीमावर्ती गांव चकरोई में बसपा के सुचेतगढ़ कोऑर्डिनेटर बिशन दास भगत के नेतृत्व में प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में किसान मौजूद थे। भगत ने कहा कि किसानों को सिंचाई विभाग नहरी पानी तो पहुंचा नहीं पा रहा है, ऊपर से किसानों से आबियाना वसूलने का निर्देश जारी कर दिया गया है। जो किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2015 में सिंचाई कर वसूली को रद्द कर दिया, लेकिन उपराज्यपाल शासन द्वारा एक बार फिर से सिंचाई कर वसूलने का निर्देश जारी किया गया है, जिससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सीमावर्ती किसान नहरी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं, और किसान अपनी धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा किसानों से सिंचाई कर वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार के इस किसान विरोधी फैसले का पूरी तरह से विरोध करती है और अगर सरकार ने जल्द से जल्द अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो पार्टी की आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ जिला तथा ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की धान की फसल ओलावृष्टि के कारण नष्ट हुई थी आज भी ऐसे कई किसान हैं जिन्हें सरकार की तरफ से कोई भी मुआवजा अभी तक नहीं मिल पाया उन्होंने मांग करते हुए कहा कि किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ।
प्रदर्शन में राज कुमार, परस राम, जीत राज, सतपाल रतनलाल, संजीव कुमार, हंसराज सहित काफी संख्या में किसान शामिल रहे।
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सीमावर्ती गांव चकरोई में बसपा के सुचेतगढ़ कोऑर्डिनेटर बिशन दास भगत के नेतृत्व में प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में किसान मौजूद थे। भगत ने कहा कि किसानों को सिंचाई विभाग नहरी पानी तो पहुंचा नहीं पा रहा है, ऊपर से किसानों से आबियाना वसूलने का निर्देश जारी कर दिया गया है। जो किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2015 में सिंचाई कर वसूली को रद्द कर दिया, लेकिन उपराज्यपाल शासन द्वारा एक बार फिर से सिंचाई कर वसूलने का निर्देश जारी किया गया है, जिससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सीमावर्ती किसान नहरी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं, और किसान अपनी धान की फसल नहीं लगा पा रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा किसानों से सिंचाई कर वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार के इस किसान विरोधी फैसले का पूरी तरह से विरोध करती है और अगर सरकार ने जल्द से जल्द अपने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो पार्टी की आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ जिला तथा ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की धान की फसल ओलावृष्टि के कारण नष्ट हुई थी आज भी ऐसे कई किसान हैं जिन्हें सरकार की तरफ से कोई भी मुआवजा अभी तक नहीं मिल पाया उन्होंने मांग करते हुए कहा कि किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ।
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प्रदर्शन में राज कुमार, परस राम, जीत राज, सतपाल रतनलाल, संजीव कुमार, हंसराज सहित काफी संख्या में किसान शामिल रहे।