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हयूमन राइट काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा घराना वेटलैंड को लेकर प्रर्दशन
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ह्यूमन राइट काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन सनी कांत चिब की अध्यक्षता में घराना गांव के किसानों सर्?
- फोटो : RSPURA
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आरएस पुरा। घराना वेटलैंड विस्तार को लेकर सरकार की तरफ से किसानों की भूमि को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ किसानों के समर्थन में अब सामाजिक संगठन भी समर्थन कर रहे हैं। शुक्रवार को ह्यूमन राइट काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन सनी कांत चिब के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सनी कांत चिब ने कहा कि जिन किसानों की भूमि वेटलैंड के विस्तार में आई है, उनको भूमि के बदले भूमि दूसरे स्थान पर कृषि योग्य भूमि मुहैया कराई जाए। अगर सरकार ने किसानों के साथ किसी तरह की कोई जबरदस्ती की तो संगठन आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। किसानों के साथ किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनका संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पहले ही देश का किसान काफी परेशान है। अब सीमावर्ती किसानों से उनकी जमीनें छीनने का प्रयास किया जा रहा है। जिन किसानों की जमीन घराना बटलैंड के विस्तार में आ रही है, उनको भूमि दी जानी चाहिए एवं उनके एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की।
उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की चौथी पीढ़ी के लोग खेतीबाड़ी कर जीवन-यापन करने पर निर्भर होने पर मालिकाना भूमि पर सरकार की और से तारबंधी की गई है। इस मौके पर नंबरदार समा राम, जीत राज अरुण कुमार, रामलाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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सनी कांत चिब ने कहा कि जिन किसानों की भूमि वेटलैंड के विस्तार में आई है, उनको भूमि के बदले भूमि दूसरे स्थान पर कृषि योग्य भूमि मुहैया कराई जाए। अगर सरकार ने किसानों के साथ किसी तरह की कोई जबरदस्ती की तो संगठन आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। किसानों के साथ किसी तरह की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनका संगठन बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पहले ही देश का किसान काफी परेशान है। अब सीमावर्ती किसानों से उनकी जमीनें छीनने का प्रयास किया जा रहा है। जिन किसानों की जमीन घराना बटलैंड के विस्तार में आ रही है, उनको भूमि दी जानी चाहिए एवं उनके एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की भी निंदा की।
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उन्होंने कहा कि गांव के लोगों की चौथी पीढ़ी के लोग खेतीबाड़ी कर जीवन-यापन करने पर निर्भर होने पर मालिकाना भूमि पर सरकार की और से तारबंधी की गई है। इस मौके पर नंबरदार समा राम, जीत राज अरुण कुमार, रामलाल सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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