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दूसरे दिन भी ट्रामा रेल चलाऐ जानेपर लोगो ने मार्च निकाल किया विरोध- प्रदर्शन
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पाक अधिकृत कशमीर के विस्थापित मिनी ट्रेन चलाए जानेपर मीरां साहिव में विरोध- प्रदर्शन करते हुए
- फोटो : RSPURA
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मीरां साहिब। पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के विस्थापितों ने रविवार दूसरे दिन भी जम्मू से आरएस पुरा तक ट्रामा ट्रेन चलाए जाने के खिलाफ टाली मोड़ से मीरां साहिब कस्बे तक मार्च निकाल कर विरोध-प्रदर्शन किया। ओम प्रकाश खजूरिया के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में प्रदर्शनकारी कई प्रकार की तख्तियां लिए हुए थे। जिस पर पीओके के विस्थापितों की रेलवे पटरी पर कई वर्षों से बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेघर किए जाने की निंदा की।
ओम प्रकाश खजूरिया ने कहा कि सरकार द्वारा पीओके के विस्थापितों को उजाड़े जाने पर लाखों की संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। देश के विभाजन के समय अपनी संपत्ति छोड़ने के साथ अपने ही राज्य में विस्थापित बनने के साथ अपने सगे- संबंधियों को गंवाना पड़ा। अभी तक पहले के जख्म नहीं भरे थे कि एक बार फिर ट्रामा रेल चलाए जाने के लिए उसी रेलवे ट्रैक पर रहकर जीवन-यापन कर रहे परिवारों को बेघर कर सरकार क्या करना चाहती है। दलीप सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो पीओके विस्थापितों को आंदोलन करना पडे़गा, जिसके लिए सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार होंगी। कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि मिनी ट्रेन पुराने रूट पर चलाए जाने के लिए सरकार द्वारा डीपीआर बनाए जाने के पूर्व पीओके के विस्थापितों की बस्तियों का निरीक्षण कर कोई फैसला लिया जाए ताकि लोगों को बेघर न होना पडे़। उन्होने कहा कि इस 43 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर अब पहले जैसा नहीं रहा। कई परिवारों ने वर्षों की पूंजी लगा अपने लिए रहने के लिए मकानों का निर्माण कर रखा है। ऐसे में सरकार को लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डीपीआर बना मिनी ट्रेन चलानी चाहिए ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पडे़े।
प्रदर्शन में धमेंद्र सिंह भार्गव सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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ओम प्रकाश खजूरिया ने कहा कि सरकार द्वारा पीओके के विस्थापितों को उजाड़े जाने पर लाखों की संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे। देश के विभाजन के समय अपनी संपत्ति छोड़ने के साथ अपने ही राज्य में विस्थापित बनने के साथ अपने सगे- संबंधियों को गंवाना पड़ा। अभी तक पहले के जख्म नहीं भरे थे कि एक बार फिर ट्रामा रेल चलाए जाने के लिए उसी रेलवे ट्रैक पर रहकर जीवन-यापन कर रहे परिवारों को बेघर कर सरकार क्या करना चाहती है। दलीप सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो पीओके विस्थापितों को आंदोलन करना पडे़गा, जिसके लिए सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार होंगी। कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि मिनी ट्रेन पुराने रूट पर चलाए जाने के लिए सरकार द्वारा डीपीआर बनाए जाने के पूर्व पीओके के विस्थापितों की बस्तियों का निरीक्षण कर कोई फैसला लिया जाए ताकि लोगों को बेघर न होना पडे़। उन्होने कहा कि इस 43 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर अब पहले जैसा नहीं रहा। कई परिवारों ने वर्षों की पूंजी लगा अपने लिए रहने के लिए मकानों का निर्माण कर रखा है। ऐसे में सरकार को लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डीपीआर बना मिनी ट्रेन चलानी चाहिए ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पडे़े।
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प्रदर्शन में धमेंद्र सिंह भार्गव सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।