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बीरपुर के लोगों ने राजस्व और जेडीए के खिलाफ किया प्रदर्शन
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बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत बीरपुर में जेडीए विभाग के हदबंदी किए जाने को लेकर पंचायत के लोगों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर तीन से चार पंचायत के लोग एकजुट होकर पूर्व सरपंच गौतम सिंह के नेतृत्व में विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए।
पूर्व सरपंच ने बताया कि यहां लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन जेडीए की तरफ से हाल ही में शुरू की गई हदबंदी को लेकर कई लोगों के आशियाने और उनकी जमीन जिन पर वह खेती करते हैं, उनसे छीनी जा रही है। यह जमीन राजाओं के समय से चली आ रही है। लोग अपना जीवन निर्वाह करते हैं। आज राजसव विभाग ने यह जमीन जेडीए को सौंप दी है। जो बिना किसी कागजी कार्रवाई के ही कामकाज कर रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्योंकि सरकार को पहले इन लोगों के लिए कोई इंतजाम करना चाहिए। उसके बाद कोई कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो सरकारी जमीन पर बसे हैं। उनको किसी न किसी एक्ट के तहत फायदा देखकर वहां से हटाया गया है। ऐसा ही एक्ट इन लोगों के साथ भी लगाना चाहिए ताकि कम से कम उन्हें रहने के लिए कहीं और पर्याप्त जगह मिल जाए। मौके पर काफी संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने जेडीए के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि अगर जल्द ही इसका विकल्प नहीं निकाला गया तो उनका विरोध और भी उग्र हो जाएगा जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
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पूर्व सरपंच ने बताया कि यहां लोग पीढ़ियों से रह रहे हैं, लेकिन जेडीए की तरफ से हाल ही में शुरू की गई हदबंदी को लेकर कई लोगों के आशियाने और उनकी जमीन जिन पर वह खेती करते हैं, उनसे छीनी जा रही है। यह जमीन राजाओं के समय से चली आ रही है। लोग अपना जीवन निर्वाह करते हैं। आज राजसव विभाग ने यह जमीन जेडीए को सौंप दी है। जो बिना किसी कागजी कार्रवाई के ही कामकाज कर रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्योंकि सरकार को पहले इन लोगों के लिए कोई इंतजाम करना चाहिए। उसके बाद कोई कार्रवाई करनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो सरकारी जमीन पर बसे हैं। उनको किसी न किसी एक्ट के तहत फायदा देखकर वहां से हटाया गया है। ऐसा ही एक्ट इन लोगों के साथ भी लगाना चाहिए ताकि कम से कम उन्हें रहने के लिए कहीं और पर्याप्त जगह मिल जाए। मौके पर काफी संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने जेडीए के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि अगर जल्द ही इसका विकल्प नहीं निकाला गया तो उनका विरोध और भी उग्र हो जाएगा जिसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
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