बाढ़: अब भी कई गांव कटे हैं देश-दुनिया से
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करीब बीस दिन से घोरडी ब्लाक में बंद पड़ी सड़कों को खोलने की मांग पर बुधवार को ग्रामीणों ने डीसी कार्यालय के बाहर पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़कें बंद होने से जिला मुख्यालय से पूरी तरह से कट चुके हैं।
दोपहर को पीडीपी नेता हंस राज के नेतृत्व में ग्रामीण डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान संदूर सिंह, विद्या, अशोक सिंह, रामलाल शर्मा और अन्य ने बताया कि करीब बीस दिन से घोरडी ब्लाक में बरमीन से सरसू, धनाल से प्रोआ, उधमपुर से घोरडी की सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं।
बारिश के दौरान पस्सियां गिरने से यह मार्ग बंद हुए थे। उसके बाद उनके ग्रामीण इलाके जिला मुख्यालय से कट गए थे। संपर्क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों की परेशानियां दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।
पैदल तय करना पड़ रहा कई किलोमीटर का सफर
सड़कें बंद होने से यात्री वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। शहर पहुंचने के लिए हर रोज ग्रामीणों को कई किलोमीटर का सफर पैदल करना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बीमार पड़ने पर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना परेशानी का सबब बन चुका है।
जानकारी होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई द्वारा बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हंस राज ने बताया कि पीएमजीएसवाई को सड़कें बनाने के लिए दी गई जमीन का आज तक ग्रामीणों को मुआवजा नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों की तरफ से कई बार कार्यालय के चक्कर लगाए गए हैं, लेकिन कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अभी तो ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपनी परेशानी को रख रहे हैं। अगर जल्द समस्या को हल नहीं किया तो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।