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अब अमृत योजना का 15 करोड़ रुपये हुआ लैप्स, जम्मू शहर में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट पर पड़ा असर

Thu, 15 Apr 2021 04:12 PM IST
प्रशांत कुमार सतीश वालिया , जम्मू
सतीश वालिया , जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 15 Apr 2021 04:12 PM IST
सार

अगर यह राशि मिलती तो इससे शहर में नाले, नालियां, सीवरेज, पानी, बिजली  के प्रोजेक्टों पर काम हो सकता था। मौजूदा समय में सीवरेज का काम बजट के अभाव में रुका पड़ा है। वहीं, नालों की सफाई का काम भी धीमी गति से चल रहा है।  
 

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After Slaughter House project now an amount of 15 crores has been lapsed under the Amrit yojna
रुपये, सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

सलॉटर हाउस प्रोजेक्ट हाथ से निकलने के बाद अब अमृत योजना के तहत 15 करोड़ की राशि भी लैप्स हो गई है। बताया जा रहा है कि सचिवालय की तरफ से देरी से निर्देश मिलने के कारण ऐसा हुआ। सचिवालय को इस संबंधी जुलाई-अगस्त में बताना चाहिए था, लेकिन पिछले माह मार्च में बताया गया। एक माह में योजना के तहत क्या काम करवाने हैं, उस पर निगम प्रस्ताव तैयार नहीं कर पाया।

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साथ ही इतने कम समय में टेंडर प्रक्रिया भी पूरी करना असंभव था, जिसके चलते राशि लैप्स हो गई और इसका सीधा असर शहर में चलने वाले नए प्रोजेक्टों पर पड़ा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार राशि लैप्स होने के लिए सचिवालय अधिकारी, मेयर और डिप्टी मेयर की लापरवाही जिम्मेवार है। केंद्र से अमृत योजना के तहत पहले राशि सचिवालय आती है। इसके बाद नगर निगम को जाती है। सचिवालय में भी अधिकारियों ने इस पर काम करवाना जरूरी नहीं समझा है। जब राशि लैप्स होने के नजदीक पहुंची तो सूचना दी गई है।
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हालांकि सचिवालय ने राशि लैप्स होने के लिए नगर निगम को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं, मेयर और डिप्टी मेयर प्रोजेक्टों को पास करवाने के लिए सचिवालय के चक्कर काट रहे हैं मगर प्रोजेक्टों में कितना खर्च हुआ और कितना बकाया है। इस बारे में कोई जानकारी नहीं ले रहे हैं। 

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एक के बाद एक प्रोजेक्ट हो रहे कैंसिल

सूत्रों के अनुसार काम करवाने के लिए सचिवालय में तैनात अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। एक के बाद एक प्रोजेक्ट हाथ से जा रहे हैं। पहले स्लाटर हाउस प्रोजेक्ट पांच साल कार्रवाई न होने पर कैंसिल हो गया। अब अमृत योजना का 15 करोड़ लैप्स हो गया है। 

आय सीमित, प्रोजेक्टों का पैसा हो रहा लैप्स 
मौजूदा समय में नगर निगम के आय स्त्रोत सीमित हैं। कुल 17 करोड़ आय साल में अर्जित होती है। केंद्र से मिलने वाली योजनाओं पर ही विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। अब विभागीय कार्रवाई और अफसरशाही के कारण प्रोजेक्ट हाथ से जा रहे हैं।    

  • योजना से शहर में नाले, नालियां, सीवरेज, पानी, ग्रीन पैच, बिजली और पानी के प्रोजेक्टों पर काम हो सकता था। मौजूदा समय में सीवरेज का काम बजट के अभाव में रुका पड़ा है। यूईईडी के पास राशि न होने के कारण शहर में काम शुरू नहीं हो रहा है। वहीं, सिरदर्द बने नालों पर भी काम मंद गति से चल रहा है। प्रोजेक्ट न बनने के कारण राशि लैप्स हुई है। कम समय में प्रोजेक्टों पर प्रस्ताव और टेंडर नहीं हो सकते थे। नगर निगम की ओर से पूरी कोशिश की गई है। - सुुधीर बाली, एसीआर (अतिरिक्त कार्यभार संयुक्त आयुक्त), जेएमसी

 

  • सरकार का पैसा लैप्स हो रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। कमजोर नेतृत्व, लापरवाह अधिकारी और कमजोर प्रणाली का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। योजना का पैसा खर्च करने के लिए नवंबर और मार्च में हुई हाउस बैठकों में मसले को रखा गया था। इसके बावजूद भी पैसा लैप्स हुआ। किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। - राजेंद्र शर्मा, चेयरमैन हाउसिंग कमेटी, जेएमसी
  • अमृत योजना के तहत 15 करोड़ रुपये लैप्स हुए हैं। अब दोबारा से आवेदन किया जाएगा। नए बजट से ही योजना के तहत काम हो पाएंगे। सेविंग खाते से पैसा लैप्स हुआ है। - टीना महाजन, सचिव, नगर निगम
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