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किराया घटाने से ट्रांसपोर्टर्स का इनकार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Tue, 10 Feb 2015 07:50 PM IST
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दिनभर माथापच्ची करने के बाद भी किराया कम करने पर सहमति नहीं बन पाई। मंगलवार को परिवहन विभाग ने राज्य स्तरीय बैठक की। इसमें ट्रांसपोर्टरों को भी शामिल किया गया, लेकिन ट्रांसपोर्टर किराया घटाने पर सहमत नहीं दिखे। आज फिर से भी इसे लेकर बैठक होगी और यह अंतिम बैठक होगी।
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आज होने वाली बैठक के बाद परिवहन विभाग द्वारा किराया कम करने का प्रस्ताव बनाकर राज्य परिवहन प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। विभाग ने तय कर लिया है कि बेशक ट्रांसपोर्टर किराया कम करने से सहमत नहीं, लेकिन डीजल के कम हुए दामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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इसलिए किराया हर हाल में कम किया जाएगा। बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर डीजल के दाम कम हुए हैं तो पिछले कुछ साल से वाहनों का खर्चा बहुत ज्यादा बढ़ा है। इसलिए किराया कम नहीं होना चाहिए। यह भी कहा कि यदि किराया कम करना है तो वाहनों का बीमा कम किया जाए, चेसिस का दाम कम हो और अन्य परिवहन खर्चे कम किए जाएं।
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मंगलवार को सुबह हुई बैठक में कश्मीर, जम्मू और लद्दाख तीनों संभाग से आए ट्रांसपोर्टरों और तमाम परिवहन विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। परिवहन आयुक्त दिलशाद खान ने बताया कि आज फिर से किराया कम करने को लेकर बैठक होगी। काफी विचार-विमर्श किया गया है।
परिवहन आयुक्त को दिए जाएं अधिकार
राज्य के ट्रांसपोर्टरों ने मांग की है कि किराया कम करने के अधिकार परिवहन आयुक्त को दिए जाने चाहिएं, ताकि जब डीजल के दाम बढ़ें तो किराया तत्काल प्रभाव से बढ़े। यदि दाम कम हों तो किराया तत्काल प्रभाव से कम हो जाए।
दरअसल, अन्य राज्यों में परिवहन आयुक्तों को अधिकार है कि वह ऐसा कर सकते हैं, लेकिन रियासत में ऐसा नहीं है। इस पर परिवहन आयुक्त का कहना है कि हर एक राज्य का अपना नियम है। यहां किराया कम या बढ़ाने का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही तय होता है।