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जम्मू-कश्मीर: सरसों के बाद अब तिल की खेती पर जोर, अगले साल मुफ्त मिलेगा बीज

Thu, 18 Nov 2021 04:18 PM IST
विमल शर्मा सतीश वालिया, जम्मू
सतीश वालिया, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 18 Nov 2021 04:18 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में सरसों के बाद अब तिल की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभाग अगले साल से तिल के बीज किसानों को उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए 30 हजार हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा।

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After Jammu and Kashmir mustard, now the emphasis on sesame cultivation, next year will be free seeds
सरसों के खेत में त्रिभुवन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में सरसों के बाद अब तिल की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभाग अगले साल से तिल के बीज किसानों को उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए 30 हजार हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। वर्तमान में खाद्य तेल के दाम अधिक चल रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के किसानों को तिलहन फसलें उगाने के लिए प्रेरित कर स्थानीय मांग को कुछ हद तक स्थानीय स्तर पर ही पूरा करने की योजना है।

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कृषि निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार 60 क्विंटल बीज जम्मू संभाग में वितरित किया जाएगा। जून माह में किसानों को निशुल्क बीज मुहैया करवाया जाएगा। फसल तैयार होने के बाद कृषि विभाग किसानों से पैदावार लेकर तेल कंपनी को बेचेगा। इससे किसानों को अच्छे दाम और तेल की उपलब्धता दोनों को फायदा होगा। अगले सीजन से तिलहन की खेती के लिए अभी से औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
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तिल से मीठा तेल बनाया जाता है। इसका प्रयोग कड़वे तेल में भी किया जाता है। खाने में भी लोग तेल का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा मसाज के लिए तेल अति उत्तम माना जाता है। खाद्य वस्तुओं में भी तिल का प्रयोग किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं।

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तिलहन खेती को बढ़ावा देने की दिशा में सरसों के बाद अगले सीजन से तिल की खेती पर जोर दिया जाएगा। जून माह में निशुल्क बीज मुहैया करवाया जाएगा। इसकी खेती बरसात के मौसम में होती है। फसल की उपज तेल कंपनियों को बेची जाएगी। इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा। तेल की दरें कम करने में भी मदद मिलेगी।

- केके शर्मा, निदेशक, कृषि विभाग

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