बाढ़ के पानी में तैर रही मवेशियों की लाशें, गंदगी का अंबार
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने का खतरा बढ़ रहा है। पानी घटने के साथ बदबू फैल रही है। कीचड़ की सड़ांध भी बीमारियों को न्योता दे रही है। श्रीनगर समेत दक्षिण कश्मीर के की इलाकों में पशुओं की लाशें तैर रही हैं जिन्हें अब तक हटाया नहीं जा सका है। सीवरेज सिस्टम ध्वस्त है। इस कारण गंदगी के निकल नहीं पा रही है।
मौसम का बदलाव भी बीमारियों के प्रसार में कारण बन सकता है। स्थिति की गंभीरता का भांपते हुए केंद्र और राज्य सरकार के अलावा सेना भी स्वास्थ्य आपातकाल की तर्ज पर काम में जुटी है। पानी पूरी तरह बाहर निकलने के बाद ही कीचड़ की सफाई संभव है जिसमें अभी और वक्त लग सकता है।
हैदराबाद से मंगाया गया स्पेशल आरओ प्लांट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के दौरे के बाद कश्मीर में मेडिकल जांच के केंद्र बढ़ाए गए हैं। नावों पर चल स्वास्थ्य केंद्र शुरू किए गए हैं। केंद्र ने पर्याप्त दवाएं उपलब्ध करा दी है। केंद्र सरकार की ओर से डाक्टरों की टीम भी श्रीनगर पहुंच चुकी है।
नार्डन कमांड के प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी के मुताबिक हैदराबाद से विशेष प्लांट मंगाया गया है। इस आरओ प्लांट की क्षमता प्रतिदिन चार लाख लीटर पानी को फिल्टर करने की है।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराकर बीमारियों की रोकथाम की कोशिश हो रही है। दिल्ली से भी चार आरओ प्लांट मंगाए गए हैं। इनमें से प्रत्येक की क्षमता एक लाख लीटर पानी को रोज फिल्टर करने की है।
53 हजार मरीजों का इलाज कर चुकी है सेना
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी को शुद्ध करने वाले 13 टन क्लोरीन की टेबलेट बांटी गई हैं। श्रीनगर में छह वाटर फिलट्रेशन प्लांट पहले ही भेजे जा चुके हैं जिनकी क्षमता प्रतिदिन 1.2 लाख लीटर पानी को शुद्ध करने की है।
जोधपुर और रायपुर से हेवी पंप भी मंगाए गए हैं। घाटी में दिल्ली से मंगाए गए सीवेज पंप भी भेज दिए गए हैं। आर्म्ड फोर्सेस की 80 टीमें मेडिकल सुविधाएं मुहैया कराने में जुटी हैं।
सेना ने अवंतीपोरा, पट्टन, अनंतनाग, और ओल्ड एयर पील्ड में चार फील्ड हास्पिटल बनाए गए हैं। सेना ने अबतक 53 हजार 82 मरीजों की जांच की है।
श्रीनगर में सेना के दो अतिर्क्ति अस्पताल काम कर रहे हैं। एयर फोर्स की ओर से अलग से रेपिड एक्शन मेडिकल टीम को श्रीनगर और अवंतीपोरा में लगाया गया है।