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पूर्व छात्रों के विभिन्न आतंकी समूहों से संबद्धता मिलने के बाद शोपियां का धार्मिक स्कूल एजेंसियों के रडार पर

Sun, 11 Oct 2020 10:07 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Mohit Mudgal Updated Sun, 11 Oct 2020 10:07 PM IST
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After alumni found in various terror groups, Shopian school comes under radar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

दक्षिण कश्मीर में आतंक का गढ़ माने जाने वाले शोपियां जिले के एक स्कूल के 13 पूर्व छात्रों के विभिन्न आतंकी समूहों से जुड़ाव की जानकारी सामने आने के बाद उक्त धार्मिक स्कूल जांच एजेंसियों के जांच के दायरे में आ गया है।

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अधिकारियों ने बताया कि इन 13 छात्रों में सज्जाद भट भी शामिल है। जिस पर फरवरी 2019 में पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले का आरोप है। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत हुई थी।
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बताया जाता है कि इस स्कूल के छात्र मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों से आते हैं। जांच एजेंसियां इन जिलों को विभिन्न आतंकी संगठनों में स्थानीय लोगों की भर्ती के केंद्र के रूप में माना है।
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अधिकारियों ने दावा किया कि पहले इस स्कूल में उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना के छात्र भी बड़ी संख्या में पढ़ते थे परंतु अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद इन छात्रों की संख्या लगभग शून्य हो गई।

एक अधिकारी के मुताबिक, इस स्कूल के अधिकांश छात्र और उसके शिक्षक शोपियां और पुलवामा जैसे आतंकवाद से ग्रस्त जिलों में रहते हैं इसलिए यहां आतंकवाद की विचारधारा आसानी से उपजती है और इन छात्रों को आसानी से प्रभावित कर रही है। पूरे दक्षिण कश्मीर में नियमित तौर पर सुरक्षा बलों के साथ होने वाली मुठभेड़ भी इस विचारधारा को मजबूत करने में मदद करती है।

पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर जघन्य हमले की जांच के दौरान एजेसियों ने पाया कि जिस विस्फोटकों से भरी कार से इस हमले को अंजाम दिया गया वह सज्जाद भट की थी और वह इसी धार्मिक स्कूल का पूर्व छात्र था। 

इस साल अगस्त में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलबदर का कमांडर जुबैर नेगरू भी इसी स्कूल का छात्र था। एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 13 सूचीबद्ध आतंकी और सैकड़ों ओवर ग्राउंड वर्कर ऐसे हैं जो इसी धार्मिक स्कूल के पूर्व छात्र हैं। हाल ही में बारामूला का एक युवक छुट्टियों के बाद अपने घर से स्कूल लौटते समय लापता हो गया था। बाद में यह पाया गया है कि वह आतंकी बन चुका है। 

आतंकी संगठनों के लिए नर्सरी की भूमिका निभाता है स्कूल
सज्जाद भट और जुबैर नेगरू के अलावा 13 पूर्व छात्रों की सूची में हिजबुल मुजाहिदीन का नाजिर नजीम डार और एजाज़ अहमद पॉल भी शामिल हैं। जिन्हें शोपियां में 4 अगस्त को एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। अधिकारी महसूस करते हैं कि हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद, अल-बदर और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के लिए यह स्कूल नर्सरी की भूमिका निभाता है। इस स्कूल में आतंकियों को कहानियों के नायकों के रूप में दर्शाया जाता है। जो यहां के छात्रों के दिलो-दिमाग पर गहरा प्रभाव छोड़ता है और वह आतंकी बनने की राह पर चल देते हैं। 


पथराव में शामिल रहते हैं शोधार्थी
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस स्कूल के बड़ी संख्या में शोधार्थी सुरक्षा बलों पर पथराव, आंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने में शामिल पाए जाते हैं। ये आतंकी गतिविधियों का न सिर्फ महिमा मंडन करते हैं बल्कि सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।

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