जम्मू के स्टेडियम में सीरियल ब्लास्ट करने वाला दोषी करार
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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू में गणतंत्र दिवस समारोह (1995) में सीरियल ब्लास्ट मामले के आरोपी हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी गुलाम नबी को दोषी ठहराया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उसे बरी करने के निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। गुलाम नबी पाकिस्तानी नागरिक है।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने गुलाम नबी द्वारा सीबीआई के समक्ष दिए इकबालिया बयान के आधार पर अपना फैसला सुनाया। पीठ ने कहा कि आरोपी का इकबालिया बयान एक महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है और इसके आधार पर उसे दोषी ठहराया जा सकता है।
शीर्ष अदालत ने गुलाब नबी को ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होकर सजा पर बहस करने का आदेश दिया है। नबी को टाडा के तहत दोषी ठहराया गया है।
जम्मू के स्टेडियम में हुआ था हमला
हालांकि, अदालत ने दूसरे आरोपी वसीम अहमद को बरी किए जाने के फैसले को सही बताते हुए कहा कि ऐसा कोई प्रमाणिक साक्ष्य नहीं है, जिससे इस मामले में उसकी संलिप्तता दिखती हो। दोनों को टाडा, रणबीर कोड आदि के तहत आरोपी बनाया गया था। वर्ष 2009 में निचली अदालत ने दोनों को बरी कर दिया था।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। यह हमला 1995 में जम्मू के मौलाना आजाद मेमोरियल स्टेडियम में हुआ था। उस दौरान तत्कालीन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केवी कृष्णा राव करीब 40 हजार लोगों को संबोधित कर रहे थे। सीरियल ब्लास्ट में राज्यपाल राव बाल-बाल बचे थे, जबकि आठ लोगों की मौत हो गई थी।