तो ये सड़ा चावल बांटा जाएगा बाढ़ प्रभावितों में!
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छत्तीसगढ़ से आए चावल पर विवाद गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा इन चावलों को संभालने में देरी को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने मंडलायुक्त शांतमनु से संपर्क कर मुद्दा उठाया है।
जबकि स्थानीय विधायक द्वारा तीन दिन का अनशन शुरू करने के दबाव के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में स्टेशन पर रखे चावल को बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित लोगों को बांटने की तैयारी शुरू कर ली है।
जिला प्रशासन के आदेश पर पिछले पंद्रह दिनों से रेलवे स्टेशन पर खुले में पड़े इस चावल को प्रशासन ने नगर परिषद के कम्यूनिटी हाल में संभाल कर रखवा रही है। उस चावल से उठने वाली बदबू दूर तक फैल रही है। लोगों को नाक ढकनी पड़ रही है।
चावलों की बदबू काफी दूर तक फैली
सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने जम्मू के मंडलायुक्त से संपर्क कर उनके द्वारा भेजे गए 53 हजार बोरी चावल की स्थिति की जानकारी हासिल की। स्टेशन पर बोरियां सड़ रही है। इस पर भी चर्चा की मंडलायुक्त ने भी उधमपुर जिलाधीश से संपर्क कर इस चावल को सही जगह पर रखवाने के आदेश दिए।
मंडलायुक्त शांतमनु के अनुसार इन चावलों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाएगा। वहीं, वीरवार को अचानक रेलवे स्टेशन से बोरियों को जिला प्रशासन के आदेश पर उठाना शुरू कर दिया। तीन ट्रकों में बारी-बारी से इन चावलों को उठाने के दौरान कई बोरियां फट गई और चावल बिखर गए। जैसे-तैसे चावलों की बोरियों को ट्रकों में लादकर कम्यूनिटी हाल में भेजा गया।
जहां ट्रकों से उतारने के दौरान भी बोरियां फट गई और चावल बिखर गए। चावलों की बदबू काफी दूर तक फैल चुकी थी। उसमें कीड़े पर गए हैं। प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था और केवल मजदूर ही ट्रकों से चावल उतारने में लगे हुए थे।