जम्मू: जेडीए ने ग्रामीण इलाकों में अवैध घोषित की 17 से ज्यादा कॉलोनियां
जेडीए ने ग्रामीण इलाकों में 17 से ज्यादा कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है। इसके साथ ही लोगों को खरीद-फरोख्त से बचने के निर्देश दिए हैं।
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जम्मू डेवलपमेंट अथारिटी (जेडीए) ने ग्रामीण इलाकों में 17 से ज्यादा कॉलोनियों को अवैध घोषित किया है। इसके साथ ही लोगों को खरीद-फरोख्त से बचने के निर्देश दिए हैं। अब कॉलोनी मालिकों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
मौजूदा समय में ग्रामीण इलाकों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। यह कालोनियां मास्टर प्लान 2032 के तहत नियमों को पूरा नहीं करती हैं। कुछ मामलों में कृषि भूमि का प्रयोग वाणिज्यिक तौर पर हो रहा है। अब इन अवैध कॉलोनियों पर जेडीए कार्रवाई करेगा। साथ ही लोगों को ग्रामीणों इलाकों में कॉलोनियों की खरीद-फरोख्त से बेचने के निर्देश दिए हैं। कहा गया है कि पहले जेडीए रिकार्ड में जमीन की जांच कर ही निर्माण करें।
अवैध कालोनियों के नक्शे ही पास नहीं है। नियमों की अवहेलना कर कालोनियों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें सेट बैक तक की सुविधा नहीं है। इन अवैध कालोनियों में हर्ष दबुर, कोटली चरखा, कोटी मेन फतेह, महमूदपुर, बिश्नाह, चौआदी, वीरपुर, बाहु, विजयपुर, सांबा, निक्की तवी एरिया, चक भलवाल, रिंग रोड, घरनोटा, पानी तालाब, किरपालपुर, फलायं मंडाल शामिल हैं।
अवैध कॉलोनियों के संदर्भ में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मास्टर प्लान 2032 के तहत ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी। अनुमति ऑनलाइन प्राप्त की सकती है। नियमों की अवहेलना होने पर कॉलोनियां को गिराया जाएगा। - पंकज मंगोत्रा, वीसी, जेडीए।