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बीएचयू और जम्मू-कश्मीर के विवि के बीच हो समझौता: एलजी
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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय वैश्विक धरोहर है। महामना मदन मोहन मालवीय और दीनदयाल उपाध्याय दोनों ने राष्ट्र के सनातन संस्कृति को सुरक्षित रखने के वैचारिक प्रयास किए। हमने यह निर्णय लिया है कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय एवं जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों के बीच एक समझौता हो। इसके तहत जम्मू और कश्मीर के छात्र एवं अध्यापक काशी हिंदू विश्वविद्यालय जाएं और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र एवं अध्यापक जम्मू-कश्मीर आएं। वह यह प्रयास करेंगे कि जम्मू-कश्मीर के छात्र एवं छात्राओं को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले।
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचार और दर्शन पर लिखी 17 पुस्तकों का राजभवन में लोकार्पण करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से जम्मू और कश्मीर के लोग काशी से जुड़ेंगे एवं अध्ययन-अध्यापन का मौका मिलेगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा प्रकाशित पुस्तकें न सिर्फ व्यक्तिगत अनुभव बढ़ाएंगी बल्कि समाज में जागृति का भी काम करेंगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र गौरव के प्रति दृष्टिकोण, एकात्म मानववाद पर दत्तोपंत ठेंगड़ी, सनातन हिंदू धर्म, पंडित मदन मोहन मालवीय कृतत्व एवं व्यक्तित्व, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्श पुरुष माधव शदाशिव गोलवलकर का राजनीतिक चिंतन सहित 17 अन्य पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। पीठ प्रभारी प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने कोरोना काल के दौरान प्रकाशित इन पुस्तकों का संदर्भ प्रस्तुत किया। इस दौरान बीएचयू की डॉ. सुनीता सिंह, डॉ योगेंद्र दीक्षित, पतंजलि पांडेय, आकाश सिंह, विकास राज उपस्थित थे।
राजभवन में गूंजा बीएचयू का कुलगीत
जम्मू के राजभवन में पहली बार बीएचयू का कुलगीत गूंजा। पीठ के शोध छात्र शुभम मिश्र ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय का कुलगीत राजभवन में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ पंडित मदन मोहन मालवीय और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर महामहिम द्वारा माल्यार्पण करके किया गया। उप राज्यपाल को माता वैष्णो देवी की चुनरी, स्मारक सिक्के व पुष्प गुच्छ भेंट किए गए।
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उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, विचार और दर्शन पर लिखी 17 पुस्तकों का राजभवन में लोकार्पण करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से जम्मू और कश्मीर के लोग काशी से जुड़ेंगे एवं अध्ययन-अध्यापन का मौका मिलेगा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ द्वारा प्रकाशित पुस्तकें न सिर्फ व्यक्तिगत अनुभव बढ़ाएंगी बल्कि समाज में जागृति का भी काम करेंगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र गौरव के प्रति दृष्टिकोण, एकात्म मानववाद पर दत्तोपंत ठेंगड़ी, सनातन हिंदू धर्म, पंडित मदन मोहन मालवीय कृतत्व एवं व्यक्तित्व, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्श पुरुष माधव शदाशिव गोलवलकर का राजनीतिक चिंतन सहित 17 अन्य पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। पीठ प्रभारी प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने कोरोना काल के दौरान प्रकाशित इन पुस्तकों का संदर्भ प्रस्तुत किया। इस दौरान बीएचयू की डॉ. सुनीता सिंह, डॉ योगेंद्र दीक्षित, पतंजलि पांडेय, आकाश सिंह, विकास राज उपस्थित थे।
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राजभवन में गूंजा बीएचयू का कुलगीत
जम्मू के राजभवन में पहली बार बीएचयू का कुलगीत गूंजा। पीठ के शोध छात्र शुभम मिश्र ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय का कुलगीत राजभवन में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का प्रारंभ पंडित मदन मोहन मालवीय और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर महामहिम द्वारा माल्यार्पण करके किया गया। उप राज्यपाल को माता वैष्णो देवी की चुनरी, स्मारक सिक्के व पुष्प गुच्छ भेंट किए गए।
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