पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल: मतदाता सूची तय होते ही बढ़ी सरगर्मी, बदल रहा जम्मू-कश्मीर का सियासी माहौल
जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तय होने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच हलचल तेज हो गई है और सभी पार्टियां अपने समर्थन आधार को मजबूत करने में जुट गई हैं। नेकां, भाजपा, कांग्रेस और पीडीपी अपने-अपने स्तर पर बैठकों और रणनीतियों के जरिए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और विपक्ष की पकड़ कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
विस्तार
पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची तय होने के साथ ही छोटी सरकार के लिए सियासत तेज हो गई है। चुनाव से पहले कुनबे को बढ़ाने और बचाने की मशक्कत भी दिखने लगी है। पार्टी से आहत कार्यकर्ता छिटक रहे हैं तो दूसरी तरफ उन्हें लपकने वाले भी तैयार हैं। वहीं, दूसरी ओर रायका बांदी में कब्जे हटाने के मुद्दे पर भी सियासी दलों ने मोर्चे खोल दिए हैं। प्रदेश में घोषणा से पहले ही पंचायत चुनाव की रंगत बढ़ने लगी है।
चुनावी तैयारी के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के संकेत दिए हैं। पंचायत और शहरी निकाय चुनाव में नेकां सभी जगह अपने समर्थित उम्मीदवारों की तलाश में है। इस कड़ी में पार्टी ने रियासी, कठु़आ, जम्मू, किश्तवाड़ और उधमपुर में बैठकें शुरू की हैं। जम्मू शहर में नए चेहरों को अध्यक्ष के तौर पर नामित किया गया है।
जम्मू संभाग के 10 जिलों में भाजपा का वर्चस्व है। पार्टी ने विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बूते 29 सीटों पर जीत हासिल की। यहां भाजपा की तोड़ खोजने में एनसी जुटी है। भाजपा ने पंचायत चुनाव को लेकर अभी कोई बड़ा अभियान शुरू नहीं किया है। हालांकि पार्टी के विधायक अपने क्षेत्रों में जरूर लोगों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
कांग्रेस की हालत अभी अस्थिर है। गठबंधन के चलते नेकां ने विधानसभा उपचुनाव में नगरोटा सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी थी। अंतिम समय में कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारने से इन्कार कर दिया और नेकां को चुनाव लड़ने का फैसला करना पड़ा। इसके अलावा नेकां और कांग्रेस के बीच मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी पर भी कोई फैसला नहीं हो सका।
पीडीपी ने कश्मीर संभाग के साथ ही जम्मू के तीन जिलों में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। यहां पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और स्टार प्रचारक इल्तिजा मुफ्ती लगातार लोगों से संपर्क साध रहीं हैं। कश्मीर संभाग में शराब पर पाबंदी लगाने के नाम पर नेकां के कुनबे में सेंधमारी हो रही है। पार्टी के कई बड़े पदाधिकारी पदभार छोड़ चुके हैं और कार्यकर्ता टूटकर अब पीडीपी के साथ जुड़ रहे हैं।
घोषणा होते ही मैदान में
ओबीसी आरक्षण पर फैसला आने के बाद, जब भी चुनाव की घोषणा होगी पार्टी मैदान में उतर जाएगी। एनसी से प्रभावित होकर दूसरे दलों के लोग साथ जुड़ रहे हैं। -रतन लाल गुप्ता, प्रांतीय अध्यक्ष, एनसी
भाजपा 12 महीने सक्रिय
भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय हैं और पंचायतों से शहरी इलाकों में बैठकें हो रहीं हैं। किसी भी समय पंचायत चुनाव की घोषणा होती है तो भाजपा पूरी क्षमता के साथ उतरेगी।-जोरावर सिंह जमवाल, प्रवक्ता भाजपा
शुरू हो गई हैं कांग्रेस की बैठकें
कांग्रेस चुनाव के लिए तैयार है। पार्टी की बैठकें हो रही हैं। कार्यकर्ताओं को पंचायत चुनाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रदेश में जैसे ही आदेश होंगे, पार्टी चुनाव में उतर जाएगी। -रविंदर शर्मा, प्रवक्ता, कांग्रेस
तैयार है पीडीपी
पंचायत चुनाव के लिए पीडीपी तैयार है। प्रदेश सरकार की नाकामियों को उजागर किया जा रहा है। दोनों संभाग में हम मजबूती से लड़ेंगे। इस बार पंचायतों में पीडीपी समर्थित डीडीसी, बीडीसी और प्रधान चुनकर आएंगे। -रजत रंधावा, प्रवक्ता पीडीपी