{"_id":"63431c771bba906c026c5751","slug":"accident-reasi-news-jmu2698225155","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन बेटियों व एक बेटे के सिर से उठा पिता का साया, सड़क दुर्घटना में मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन बेटियों व एक बेटे के सिर से उठा पिता का साया, सड़क दुर्घटना में मौत
विज्ञापन
मृत्क हरमीत सिंह का शव पुरेआ में पहुंचने पर बिलखते परिवार के सदस्य।
- फोटो : REASI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौनी। लगभग आठ दिन पहले दोमेल मार्ग पर हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। रविवार को हरमीत सिंह पुत्र बलवंत सिंह का शव पुरेआ स्थित उसके घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। उसकी पत्नी, बेटियां व बेटा शव से लिपट कर रोते रहे। मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम थीं, और वे हरमीत के परिजनों को संभालने की नाकाम कोशिशें कर रहे थे।
बुुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, तीन बेटियों व एक बेटे के पिता हरमीत सिंह 2 अक्तूबर को हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुरेआ क्षेत्र में मिनी बस की चपेट में आने से हुई दुर्घटना में हरमीत के साथ उसके एक साथी को भी चोटें आई थीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पौनी में उसे प्राथमिक उपचार देकर जम्मू के लिए रेफर कर दिया गया था। हालत में ज्यादा सुधार न आने तथा गंभीर चोट को देखते हुए परिजन उसे डीएमसी लुधियाना ले गए थे, जहां शनिवार शाम को उसने दम तोड़ दिया।
रविवार को हरमीत का शव घर लाया गया, जहां सभी प्रकार की औपचारिकताएं निभाकर शव का अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट में किया गया। बताया जाता है कि हरमीत सिंह के भाइयों की मौत पहले हो चुकी है। वह अपने माता पिता का इकलौता सहारा था। उसकी पत्नी, तीन बेटियों व एक बेटा भी उसी पर निर्भर था। वह दिहाड़ी लगाकर अपना व परिवार का गुजारा कर रहा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, तीन बेटियों व एक बेटे के पिता हरमीत सिंह 2 अक्तूबर को हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुरेआ क्षेत्र में मिनी बस की चपेट में आने से हुई दुर्घटना में हरमीत के साथ उसके एक साथी को भी चोटें आई थीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पौनी में उसे प्राथमिक उपचार देकर जम्मू के लिए रेफर कर दिया गया था। हालत में ज्यादा सुधार न आने तथा गंभीर चोट को देखते हुए परिजन उसे डीएमसी लुधियाना ले गए थे, जहां शनिवार शाम को उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
रविवार को हरमीत का शव घर लाया गया, जहां सभी प्रकार की औपचारिकताएं निभाकर शव का अंतिम संस्कार स्थानीय श्मशान घाट में किया गया। बताया जाता है कि हरमीत सिंह के भाइयों की मौत पहले हो चुकी है। वह अपने माता पिता का इकलौता सहारा था। उसकी पत्नी, तीन बेटियों व एक बेटा भी उसी पर निर्भर था। वह दिहाड़ी लगाकर अपना व परिवार का गुजारा कर रहा था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
विज्ञापन