जम्मू-कश्मीर: पंचायत घरों में बनेंगे आधार और मनरेगा कार्ड, पहले चरण में 1508 पंचायतों में खुलेंगे सामुदायिक सेवा केंद्र
जम्मू-कश्मीर सरकार ने लोगों की सुविधा को देखते हुए सीएससी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ समझौता किया है। पहले चरण में 1508 पंचायत घरों में सामुदायिक सेवा केंद्र खोले जाएंगे।
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जम्मू-कश्मीर में पंचायत स्तर पर नई पहल के तहत सरकार 1508 पंचायत घरों में सामुदायिक सेवा केंद्र खोलेगी। इससे ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने, आधार कार्ड या मनरेगा जॉब कार्ड आदि में त्रुटि होने पर इसे दुरुस्त करवाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। पंचायत घर में ही सारी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इसके लिए सीएससी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ सरकार ने समझौता किया है। जम्मू-कश्मीर पंचायतीराज विभाग के निदेशक राकेश सरंगल के अनुसार पहले चरण में 1508 पंचायत घरों में सामुदायिक सेवा केंद्र खोले जाएंगे। इस परियोजना के तहत गांव के बाहर खिदमत केंद्रों को पंचायत घर में शिफ्ट किया जाएगा।
इससे ग्रामीणों को अपने गांव में ही सभी प्रकार की सुविधाएं हासिल हो सकें। इसके लिए सरकार को अतिरिक्त कर्मचारी की नियुक्ति करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। खिदमत केंद्रों का स्टाफ ही पंचायत घरों से काम करेगा। सरकार इसके लिए सुविधाएं जरूरी उपलब्ध करवाएगी।
ये सुविधाएं मिलेंगी
सामुदायिक सेवा केंद्र में दो लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, एक जीरॉक्स मशीन, एक जेनसेट, ऑल इन वन प्रिंटर, पीवीसी प्रिंटर, एफटीटीएच कनेक्शन, बायो मीट्रिक डिवाइस, वाटर प्यूरिफायर, सभी कमरों में पंखे मुहैया करवाए जाएंगे। इस संबंध में सरकार की तरफ से जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया हैं। अतिरिक्त जिला उपायुक्त स्तर के अधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया है। जिला सूचना अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, संबंधित ब्लाक विकास अधिकारी कमेटी के सदस्य बनाए गए हैं, जिनकी देखरेख में प्रक्रिया पूरी की जाएगी।