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...जब सरहद पर अचानक अासमान के रास्ते मौत ने दी दस्तक, जान बचा कर भागे ग्रामीण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 23 May 2018 12:22 PM IST
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गोलीबारी में क्षतिग्रस्त दीवार को दिखाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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हीनानगर। गांव मेहराजपुर में सुबह ग्यारह बजे का समय था। हल्की गोलाबारी के बीच लोग आसपास के स्कूलों को अलर्ट कर बंद करवा चुके थे। लोग इस लिए भी निश्चिंत थे कि कभी मेराजपुर गांव में पाकिस्तान के मोर्टार नहीं गिरे।
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जीरो लाइन से सवा किलोमीटर दूर गांव में पहले कभी मोर्टार नहीं गिरते थे। लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार पाकिस्तान ने मेहराजपुर गांव को सीधे निशाना बनाया। पहला मोर्टार गांव के पीएचई ट्यूबवेल के पास आकर गिरा।
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जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाकर घरों की ओर भागे। गनीमत रही कि स्कूलों से बच्चे भी सुरक्षित घरों तक पहुंच चुके थे। इसी बीच सरकारी स्कूल से दस मीटर की दूरी पर एक मोर्टार आकर गिरा। लोगों ने बताया कि बीएसएफ की हाई वोल्टेज बिजली लाइन पर भी मोर्टार गिरने से क्षति पहुंची है।
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सीमा के दोनों तरफ से उठता धुआं का गुबार देखकर साफ था कि जितनी तबाही इस ओर हुई है उतना ही नुकसान दूसरी ओर भी हुआ होगा। मंगलवार सुबह नौ बजकर चालीस मिनट से जिला कठुआ के हीरानगर सेक्टर में मोर्टार और गोलियों की आवाज के बीच सीमावर्ती ग्रामीणों की जिंदगी फिर रुक गई।
पाकिस्तान की ओर से एक सप्ताह के भीतर ही दूसरी बार हीरानगर सेक्टर में भारी गोलाबारी की गई। पिछले सप्ताह बुधवार रात से शुरू हुई गोलाबारी ने जहां लोंडी और बोबिया के इलाकों में धमाकों की गूंज बनाई थी। वहीं, मंगलवार सुबह जिले की हद में अंतरराष्ट्रीय सीमा का पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा।
पानसर, मनियारी, सतपाल पोस्ट, बोबिया, लोंडी, गुरनाम पोस्ट, पहाड़पुर पोस्टों के नजदीक पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। हालात ऐसे हैं कि लोग सीमावर्ती इलाके से घरों को छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने लगे हैं।
गोलाबारी के बीच भी कई लोग परिवारों को सुरक्षित जगह की ओर ले जाते दिखाई दिए। घरों की छत, दीवारों और आंगन में गोलाबारी के निशान देखे जा सकते हैं।