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गोलाबारी से प्रभावित फसलों का जायजा लिया
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:48 AM IST
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हीरानगर। आईबी पर पाक गोलाबारी से खराब हुई फसल का मुआयना करने बुधवार को कृषि विभाग के अधिकारी सीमा पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से मिलकर नुकसान की जानकारी ली।
एसडीएम सुरेश कुमार शर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग की एक टीम ने सीमावर्ती गांव पहाड़पुर, पानसर, मन्यारी, करोल कृष्णा, करोल माथरां, बोबिया गांवों का दौरा किया। टीम ने तमाम गांवों का दौरा कर स्थानीय पूर्व सरंपचों, पंचों के अलावा लोगों से बैठकें की और फसलों के नुकसान की जानकारी ली। लोगों ने भी टीम के समक्ष अपनी बात खुल कर रखते हुए कहा कि गोलाबारी से किसानों को हर साल नुकसान झेलना पड़ता है, लेकिन इस बार नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। खेतों में मोर्टार के गोले पड़ने से फसल तबाह हो गई और जो बची है उसकी देख रेख करना मुश्किल है। माहौल अभी शांत नहीं हुआ है, इसलिए कोई भी किसान अपने खेतों में जाकर काम नहीं कर सकता और किसान खेतों में न पहुंचा तो फसल तबाह ही समझी जाए।
गुप्ता ने कहा कि वे उनके दर्द को समझते हैं और लोगों की सहायता के लिए विभाग उनके साथ है। विभाग के कर्मचारी राहत शिविरों में लोगों से दिन रात संर्पक बनाए हुए हैं। किसान कभी भी अपनी समस्या की जानकारी उन्हें दे सकते हैं। इस मौके पर निदेशक एचके राजदान, एसडीएओ संजीव राय, एईओ राजबाग दीपक सिंह, एईओ मढ़ीन खेम राज, एईओ हीरानगर सुरिंद्र कपाही भी उनके साथ थे।
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एसडीएम सुरेश कुमार शर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग की एक टीम ने सीमावर्ती गांव पहाड़पुर, पानसर, मन्यारी, करोल कृष्णा, करोल माथरां, बोबिया गांवों का दौरा किया। टीम ने तमाम गांवों का दौरा कर स्थानीय पूर्व सरंपचों, पंचों के अलावा लोगों से बैठकें की और फसलों के नुकसान की जानकारी ली। लोगों ने भी टीम के समक्ष अपनी बात खुल कर रखते हुए कहा कि गोलाबारी से किसानों को हर साल नुकसान झेलना पड़ता है, लेकिन इस बार नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। खेतों में मोर्टार के गोले पड़ने से फसल तबाह हो गई और जो बची है उसकी देख रेख करना मुश्किल है। माहौल अभी शांत नहीं हुआ है, इसलिए कोई भी किसान अपने खेतों में जाकर काम नहीं कर सकता और किसान खेतों में न पहुंचा तो फसल तबाह ही समझी जाए।
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गुप्ता ने कहा कि वे उनके दर्द को समझते हैं और लोगों की सहायता के लिए विभाग उनके साथ है। विभाग के कर्मचारी राहत शिविरों में लोगों से दिन रात संर्पक बनाए हुए हैं। किसान कभी भी अपनी समस्या की जानकारी उन्हें दे सकते हैं। इस मौके पर निदेशक एचके राजदान, एसडीएओ संजीव राय, एईओ राजबाग दीपक सिंह, एईओ मढ़ीन खेम राज, एईओ हीरानगर सुरिंद्र कपाही भी उनके साथ थे।
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