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सुर्जनधार में मेल: प्रतियोगिताओं में दिखी कड़ी स्पर्धा
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:40 AM IST
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रियासी। शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी भमाग के सुर्जनधार में नाग देवता मेले की धूम रही। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेला स्थल पर ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं के साथ ही डोगरा संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।
ग्रामीण खेलों में कबड्डी, रस्साकशी, खो-खो वालीबाल आदि प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें भमाग के स्कूलों के बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सभी मुकाबलों में कड़ी स्पर्धा देखने को मिली। मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों के अलावा जम्मू-कश्मीर अकादमी ऑफ आर्ट कल्चर एंड लैंग्वेजेज के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डोगरा संस्कृति की छाप दिखी। मेले के दूसरे दिन जिला प्रशासन के एडीसी बाबू राम मुख्य अतिथि थे। मेला कमेटी के सदस्यों ने डोगरा पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण मेले रियासत की शान हैं। मेले के आयोजन से संस्कृति को बढ़ावा तो मिलता है। आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। मेले का समापन रविवार को किया जाएगा। इस दौरान दंगल का आयोजन किया जाएगा। दंगल को जम्मू-कश्मीर स्टाइल आफ रेसलिंग के सहयोग से करवाया जाएगा। इसमेें स्थानीय पहलवानों के अलावा राज्य व बाहरी राज्यों के पहलवान दांवपेंच आजमाएंगे।
नोट खबर तीन फोटो सहित।
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ग्रामीण खेलों में कबड्डी, रस्साकशी, खो-खो वालीबाल आदि प्रतियोगिताएं हुईं। इसमें भमाग के स्कूलों के बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सभी मुकाबलों में कड़ी स्पर्धा देखने को मिली। मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों के अलावा जम्मू-कश्मीर अकादमी ऑफ आर्ट कल्चर एंड लैंग्वेजेज के कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डोगरा संस्कृति की छाप दिखी। मेले के दूसरे दिन जिला प्रशासन के एडीसी बाबू राम मुख्य अतिथि थे। मेला कमेटी के सदस्यों ने डोगरा पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण मेले रियासत की शान हैं। मेले के आयोजन से संस्कृति को बढ़ावा तो मिलता है। आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। मेले का समापन रविवार को किया जाएगा। इस दौरान दंगल का आयोजन किया जाएगा। दंगल को जम्मू-कश्मीर स्टाइल आफ रेसलिंग के सहयोग से करवाया जाएगा। इसमेें स्थानीय पहलवानों के अलावा राज्य व बाहरी राज्यों के पहलवान दांवपेंच आजमाएंगे।
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