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वार्ता बेनतीजा, श्रीनगर में डाक्टरों की हड़ताल जारी
Updated Fri, 06 Jul 2018 01:16 AM IST
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जम्मू। जीएमसी श्रीनगर सहित अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में वीरवार को तीसरे दिन भी जूनियर डाक्टर काम छोड़ो हड़ताल पर रहे। इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों की हालत खराब हो रही है।
सचिवालय में प्रिंसिपल सचिव डॉ. पवन कोतवाल से हड़ताली डाक्टरों की दो बार हुई वार्ता विफल रही। दो डाक्टरों का बर्खास्तगी और निलंबन का आदेश वापस न लेने पर रेजीडेंट डाक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। जम्मू में हड़ताल को लेकर संशय बना हुआ है। जीएमसी की ओपीडी चली और इसमें कई जूनियर पीजी डाक्टर बैठे। इमरजेंसी सेवाएं पहले से बहाल हैं। वार्डों में भी डाक्टर दिखे। हालांकि आरडीए जम्मू के पदाधिकारियों का कहना है हड़ताल जारी है।
रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन (आरडीए) श्रीनगर के प्रधान इरफान ने बताया कि प्रिंसिपल सचिव डॉ. कोतवाल से वीरवार सुबह और शाम को सचिवालय में बैठक हुई। इसमें उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन बढ़ोतरी का भरोसा दिया गया, लेकिन इरफान सहित एक अन्य डॉ. फैयाज का फिलहाल बर्खास्तगी और निलंबन का आदेश वापस नहीं लेने पर रेजीडेंट डाक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। आरडीए जम्मू के उपप्रधान डॉ. अमित ने बताया कि ओपीडी में सीनियर के आग्रह पर कुछ पीजी डाक्टरों ने सेवाएं दीं हैं, लेकिन हड़ताल जारी है। शुक्रवार को इमरजेंसी बंद करने का फैसला वापस लिया गया है और ओपीडी तथा वार्ड प्रभावित रहेंगे।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिन पहले मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के सदस्यों ने जीएमसी जम्मू का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश डाक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहे हैं।
हड़ताल का कोई नोटिस नहीं
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना का कहना है कि पिछले दो दिन से जूनियर डाक्टरों की ओर से काम छोड़ो हड़ताल को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया है। अस्पताल के सभी यूनिटों में काम सामान्य रूप से हो रहा है। हालांकि इससे पहले एक नोटिस तीन जुलाई को हड़ताल करने का दिया गया था, लेकिन जूनियर डाक्टरों से बातचीत में समझौता हो गया था। अगर हड़ताल होती तो नया रोस्टर बनाया जाता, मगर ऐसा कुछ नहीं है। एमसीआई के दौरे के दौरान अस्पताल और कालेज में सारी गतिविधियां बहाल रही हैं।
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सचिवालय में प्रिंसिपल सचिव डॉ. पवन कोतवाल से हड़ताली डाक्टरों की दो बार हुई वार्ता विफल रही। दो डाक्टरों का बर्खास्तगी और निलंबन का आदेश वापस न लेने पर रेजीडेंट डाक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। जम्मू में हड़ताल को लेकर संशय बना हुआ है। जीएमसी की ओपीडी चली और इसमें कई जूनियर पीजी डाक्टर बैठे। इमरजेंसी सेवाएं पहले से बहाल हैं। वार्डों में भी डाक्टर दिखे। हालांकि आरडीए जम्मू के पदाधिकारियों का कहना है हड़ताल जारी है।
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रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन (आरडीए) श्रीनगर के प्रधान इरफान ने बताया कि प्रिंसिपल सचिव डॉ. कोतवाल से वीरवार सुबह और शाम को सचिवालय में बैठक हुई। इसमें उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन बढ़ोतरी का भरोसा दिया गया, लेकिन इरफान सहित एक अन्य डॉ. फैयाज का फिलहाल बर्खास्तगी और निलंबन का आदेश वापस नहीं लेने पर रेजीडेंट डाक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। आरडीए जम्मू के उपप्रधान डॉ. अमित ने बताया कि ओपीडी में सीनियर के आग्रह पर कुछ पीजी डाक्टरों ने सेवाएं दीं हैं, लेकिन हड़ताल जारी है। शुक्रवार को इमरजेंसी बंद करने का फैसला वापस लिया गया है और ओपीडी तथा वार्ड प्रभावित रहेंगे।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिन पहले मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के सदस्यों ने जीएमसी जम्मू का निरीक्षण किया है, जिसमें अधिकांश डाक्टर ड्यूटी पर मौजूद रहे हैं।
हड़ताल का कोई नोटिस नहीं
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. सुनंदा रैना का कहना है कि पिछले दो दिन से जूनियर डाक्टरों की ओर से काम छोड़ो हड़ताल को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया है। अस्पताल के सभी यूनिटों में काम सामान्य रूप से हो रहा है। हालांकि इससे पहले एक नोटिस तीन जुलाई को हड़ताल करने का दिया गया था, लेकिन जूनियर डाक्टरों से बातचीत में समझौता हो गया था। अगर हड़ताल होती तो नया रोस्टर बनाया जाता, मगर ऐसा कुछ नहीं है। एमसीआई के दौरे के दौरान अस्पताल और कालेज में सारी गतिविधियां बहाल रही हैं।