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दक्षिणी कश्मीर में 80 युवाओं ने थामा आतंक का दामन, 50 आतंकी घुसपैठ करने में रहे सफल
अमर उजाला ब्यूरो, श्रीनगर
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:57 PM IST
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आतंकवाद
- फोटो : FILE PHOTO
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सेना का मानना है कि शुजात बुखारी हत्याकांड से यह संकेत मिलता है कि श्रीनगर में आतंकियों तथा ओवर ग्राउंड वर्कर के लिए कुछ सेफ हाउस हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने की जरूरत है कि किसने हत्यारों की मदद की। शुजात बुखारी की हत्या में मदद करने वाले हो सकता है कि उनके जनाजे में भी शामिल हुए हों।
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15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एके भट ने बताया कि श्रीनगर में आतंकियों की संख्या तो नहीं बढ़ी है, लेकिन ओवर ग्राउंड वर्कर की संख्या जरूर बढ़ी है। यह चिंता का विषय है। दक्षिणी कश्मीर और श्रीनगर के अलावा उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिला के हाजिन में बढ़ती आतंकी घटनाएं भी चिंतनीय हैं क्योंकि वहां पिछले कुछ दिनों में आतंकियों की ओर से अपहरण व हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। यहां स्थानीय आतंकी सलीम पररे के अलावा कई विदेशी आतंकी भी सक्रिय हैं।
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उन्होंने दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों की नई भर्ती पर चिंता जताते हुए कहा कि हाल में 80 युवाओं ने आतंकी संगठन का दामन थामा है। 40 से 50 आतंकी घुसपैठ करने में भी सफल रहे हैं। हर रोज घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं। ज्यादातर कोशिशों को सेना की जवानों की ओर से नाकाम बनाया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर मुठभेड़ के बाद जवानों की ओर से लोगों से दुर्व्यवहार व संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता है, पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वास्तविकता नहीं बताई जाती है।
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हाल में शोपियां के तुर्कवानगम में आईईडी विस्फोट के बाद न केवल जश्न मनाया गया बल्कि घायल जवानों पर पत्थर भी बरसाए गए। कुछ तत्व ऐसे हैं जो हिंसा के लिए भड़काते हैं और जब सेना कार्रवाई करती है तो हिंसा भड़काने वाले उन्हें निर्दोष बताते हैं। पत्थर खाने वाले जवानों से क्या अपेक्षा की जाती है जबकि वह बच्चों में स्पोटर्स किट और स्टेशनरी बांटते हैं। उन्होंने कहा कि सेना संकट पैदा नहीं करनी चाहती है, लेकिन उसकी प्राथमिकता युवा तथा शांति बहाली है। घाटी में ज्यादातर लोग शांति चाहते हैं।
स्थानीय आतंकियों को समर्पण का मौका
terrorism funeral
जीओसी ने कहा कि सेना चाहती है कि प्रत्येक स्थानीय आतंकी समर्पण करे। स्थानीय आतंकियों को मारने में आनंद नहीं आता है। हाल में कुलगाम जिले के छिद्दर में मुठभेड़ के दौरान एक स्थानीय आतंकी ने समर्पण किया। वह बिल्कुल सुरक्षित है। उसे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी आतंकियों को समर्पण का किसी प्रकार का मौका नहीं दिया जाएगा।