जमीन POK में और किराए का भुगतान करती रही भारतीय सेना
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर स्थित जमीन का सेना द्वारा लंबे समय तक किराए का भुगतान किए जाने के 8 और मामले सामने आए हैं। राजोरी के एक मामले पर पहले सीबीआई ने एफआईआर दर्ज किया था जो अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है। जांच के बाद राजोरी में सात और नए मामले और पुंछ में एक नया मामला सामने आया है जिसमें सेना ने लाखों रुपए का भुगतान किया।
कुछ मामलों में लगातार 43 साल तक किराए का भुगतान होता रहा। जम्मू कश्मीर में पीओके से सटे राजोरी और पुंछ में कुल 9 मामले पकड़ में आए हैं। सिर्फ पीओके ही नहीं नो मैन्स लैंड के किराए का भी भुगतान किया गया है। रक्षा मंत्रालय के संज्ञान में मामला आने के बाद अब सीबीआई को मामलों की जांच का निर्देश दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने मामले को गंभीरता से लिया है। इन मामलों में सेना के कुछ अफसरों पर भी गाज गिर सकती है। पहला मामला 122 कनाल 18 मरला का था जिसमें एफआईआर में आरोपित पटवारी ने हाईकोर्ट की शरण ली है। इस मामले को अमर उजाला ने पहले प्रकाशित किया था।
उच्च न्यायालय में चल रहा है मामला
सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक किराया घोटाले से अन्य 8 मामलों में से एक के संदर्भ में जम्मू कश्मीर के राज्य सतर्कता संगठन ने एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई ने भी एक नए मामले में एफआईआर दर्ज की है। अन्य मामलों में सीबीआई गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। नए मामलों में से एक राजोरी तहसील के नौैशेरा के खंबा गांव के पास 265 कनाल एक मरला जमीन के किराए का भुगतान किया गया।
राज्य के राजस्व कर्मियों की मदद से जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर किराए का भुगतान लिया गया। यह भूमि पीओके में है और इसका कुछ हिस्सा नो मैन्स लैंड में पड़ता है। नौशेरा के खंबा गांव के पास के 122 कनाल 18 मरला जमीन के पहले मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी । एफआईआर संख्या आरसी 004 2017 ए 0001 के तहत यह मामला 31 जनवरी 2017 को दर्ज किया गया था।
मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में चला गया है। इसी गांव के 258 कनाल 13 मरला की एक अन्य भूमि के किराए के भुगतान से संबंधित नए मामले में अब सीबीआई ने एपआईआर दर्ज कर लिया है। इस भूमि का 30 सितंबर 2015 तक किराया दिया गया है। इसी गांव के एक अन्य मामले में 334 कनाल 15 मरला जमीन का भी 1972 से 2003 तक किराए का भुगतान किया गया है। इस मामले की भी जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है।
सीबीआई कर रही है मामले की जांच
सीबीआई खंबा गांव में ही 65 कनाल 7 मरला जमीन के किराया भुगतान के मामले की भी जांच कर रही है। साथ ही इसी गांव के 261 कनाल 3 मरला भूमि का 1971 से 2003 तक किराए का भुगतान भी जांच के दायरे में आ गया है।
नौशेरा तहसील के ही सरया गांव के पास 22 कनाल जमीन का किराया भुगतान 30 सितंबर 2015 करने और इसी गांव के 81 कनाल 2 मरला का किराया भुगतान 1973 से 30 सितंबर 2014 तक करने के मामले में भी सीबीआई ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
इसी तरह पुंछ जिले के हवेली तहसील टेट्रीनेट गांव में 13 कनाल 2 मरला जमीन का किराया भुगतान एक सितंबर 1965 से 30 सितंबर 2015 तक हुआ। सीबीआई इस मामले का गोपनीय सत्यापन कर रही है। आरोप है कि जांच के दायरे में आए मामलों की जमीन पीओके में है और उसे फर्जी दस्तावेज बनाकर किराया लिया जाता रहा।