जम्मू बंद की मार, चार दिन में 70 करोड़ का नुकसान
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एम्स कोआर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर चार दिनों से जम्मू बंद का असर आम लोगों पर ही नहीं, कारोबार पर भी पड़ा है। परिवहन, पर्यटन उद्योग, ट्रेड, होटल इंडस्ट्रीज आदि में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ।
जानकारों की माने तो चार दिनों में कम से कम 60-70 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। इससे केंद्र और रियासती सरकार के राजस्व में भी भारी नुकसान हुआ है। जानकारों के अनुसार चार दिनों में लगभग छह करोड़ आयकर, चार-पांच करोड़ वैट, एक करोड़ टोल टैक्स और पैसेंजर टैक्स का नुकसान हुआ है।
पेट्रोल पंपों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोमवार को तीन दिन के बाद नरवाल की फल और सब्जी मंडी दो घंटे के लिए खुली। इससे शहर में सब्जी की सप्लाई पहुंची। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि आधे से अधिक सब्जी खराब हो गई है।
होटलों में पांच फीसदी ही कमरे भरे
अमरनाथ यात्रियों की कमी से पहले ही मंदी की मार झेल रहे होटलों उद्योग को बंद ने दोहरी मार दी है। शहर में लगभग तीन सौ होटल हैं और ज्यादातर होटलों में पांच फीसदी कमरे ही भरे हैं। इसके अलावा शहर के तमाम रेस्टोरेंट और ढाबे बंद हैं।
अनाज मंडी में करोड़ों का कारोबार प्रभावित
रियासत की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयरहाउस में चार दिनों से ताला लटका है। नेहरू मार्केट, वेयरहाउस, केसी मार्केट में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। इसी मंडी से पूरी रियासत में राशन सप्लाई होता है। चार दिनों में कम से कम बीस करोड़ का कारोबार नहीं हो पाया।
नरवाल मंडी में सब्जियां सड़ीं
नरवाल फल सब्जी मंडी एसोसिएशन के चेयरमैन शाम लाल लंगर ने बताया कि जम्मू में हर रोज बाहरी राज्यों से 70 से 80 ट्रक फल सब्जियां लेकर आते हैं। चार दिन से यह ट्रक नहीं आ रहे।
चार दिन में पड़ी हुई फल सब्जी सोमवार को दो घंटे के लिए खोली गई, लेकिन आधे से अधिक सड़ गल चुकी थी। चार दिनों में नरवाल मंडी में करीब सात करोड़ रुपये का नुकसान का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि राज्य की स्थानीय फल सब्जी पैदावार और बाहरी राज्यों से आने वाला माल नरवाल मंडी से होकर ही निकलता है।
ट्रांसपोर्टरों को भी करोड़ों का चूना
जम्मू संभाग के करीब 45,000 व्यवसायिक वाहन बंद होने से ट्रांसपोर्टरों को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। जम्मू संभाग की बात करें तो यहां 2500 बसें, चार हजार मेटाडोर, दो हजार टैक्सी सूमो, आठ हजार से अधिक ट्रक, 20 हजार के करीब आटो रिक्शा आदि चलते हैं। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान टीएस वजीर का कहना है कि अनुमानित सात से आठ करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
थोड़ी महंगी, लेकिन अभी उपलब्ध
शहर में सब्जियां मंडी खुलने से पहुंच तो गईं, लेकिन कुछ महंगी हो गई हैं। टमाटर 30-40 रुपये, भिंडी 30 रुपये, घिया 30-40 रुपये, प्याज 50 रुपये अन्य सब्जियों के दामों में करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि जम्मू बंद समाप्त होने के बाद बाहरी राज्यों से सब्जियों की आमद से कीमतोें में गिरावट आएगी।
बंद के बावजूद मिली वस्तुएं
बंद के बावजूद शहर में खाने-पीने की वस्तुओं की इक्का-दुक्का दुकानें खुली रहीं। इसकी वजह से लोगों को राशन, सब्जियां, दूध लेने में कुछ राहत मिली। वेयर हाउस में भी कुछ दुकानें खुली रहीं। गांधी नगर, केनाल रोड, पुराना शहर, जानीपुर आदि इलाकों में कुछ दुकानें खुलने से लोगों को राहत मिली।