शोपियां और पुलवामा मुठभेड़ पर सेना ने कहा- झूठे वादों के साथ युवाओं को गुमराह कर बनाया गया था आतंकी
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शोपियां और पुलवामा मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी इसी वर्ष आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे। इन गुमराह युवाओं को पाकिस्तानी आतंकवादियों, पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं और देश विरोधी भावना वाले लोगों द्वारा झूठे वादों के साथ भर्ती कराया गया था। यह बात विक्टर फोर्स के जीओसी ए सेनगुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि दो ऑपरेशनों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की सटीक खुफिया जानकारी के चलते सात आतंकियों का खात्मा करने में सफलता मिली है। इसके साथ ही एक आतंकी ने समर्पण किया है।
7 of the 8 terrorists who have been neutralised were recruited in 2020, & these misguided youth were recruited with the false promises by Pakistani terrorists, Pakistani handlers and people in society with anti-national sentiments: A Sengupta, J&K GOC, Victor Force https://t.co/Hc8I3cxBbF pic.twitter.com/b9ISluIbJhविज्ञापन— ANI (@ANI) August 29, 2020
डीआईजी दक्षिण कश्मीर, अतुल गोयल ने कहा कि दो ऑपरेशनों में सात आतंकियों को ठिकाने लगाया गया। ये आतंकी स्थानीय नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमले में शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आतंकी संगठनों में दक्षिण कश्मीर में लगभग 80 भर्तियां हुई हैं।