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स्कूल में पानी किल्लत पर विद्यार्थी भड़के
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:12 AM IST
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बसोहली। सरकारी स्कूल में पेयजल समस्या को लेकर विद्यार्थियों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने जिंदरैली के नजदीक बनी बसोहली मार्ग को लगभग चार घंटे ठप रखते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लगी रहीं।
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि गनूईं धार स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में पीएचई विभाग ने पेयजल कनेक्शन तो दे दिया लेकिन पानी की सप्लाई नाममात्र ही है। प्यास लगने पर विद्यार्थियों समेत स्टाफ के लोगों को भटकना पड़ता है। यहां तक कि सप्लाई न होने पर विद्यार्थियों को कई किलोमीटर दूर से पैदल जाकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है जिससे उनके समय की बर्बादी तो होती ही है साथ ही पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बारिश के समय प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लेना भी बीमारियों को दावत देना है। विद्यार्थियों ने बताया कि यही नहीं उनके स्कूल के परीक्षा केंद्र को गनूईं धार से जिंदरैली शिफ्ट कर दिया गया है जिसके लिए अब बच्चों को तीन किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा जो मुश्किल है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि स्कूल में ही परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाए।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार शीतलनगर मेहर सिंह ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही पेयजल अधिकारियों को समस्या के समाधान के निर्देश जारी किए।
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प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि गनूईं धार स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में पीएचई विभाग ने पेयजल कनेक्शन तो दे दिया लेकिन पानी की सप्लाई नाममात्र ही है। प्यास लगने पर विद्यार्थियों समेत स्टाफ के लोगों को भटकना पड़ता है। यहां तक कि सप्लाई न होने पर विद्यार्थियों को कई किलोमीटर दूर से पैदल जाकर पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है जिससे उनके समय की बर्बादी तो होती ही है साथ ही पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बारिश के समय प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी लेना भी बीमारियों को दावत देना है। विद्यार्थियों ने बताया कि यही नहीं उनके स्कूल के परीक्षा केंद्र को गनूईं धार से जिंदरैली शिफ्ट कर दिया गया है जिसके लिए अब बच्चों को तीन किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा जो मुश्किल है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि स्कूल में ही परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाए।
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मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार शीतलनगर मेहर सिंह ने विद्यार्थियों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही पेयजल अधिकारियों को समस्या के समाधान के निर्देश जारी किए।
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