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कठुआ में पीएचसी सीपी वर्कर्स का धरना प्रदर्शन जारी
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कठुआ। पीएचई सीपी वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को भी धरना और हड़ताल जारी रखी। कठुआ सब डिविजन कार्यालय के परिसर में एकत्रित होकर उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता वह हड़ताल जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायण सिंह ने कहा कि पिछले चार महीनों से भी अधिक समय से वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गौर करने के बजाए उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। दिवाली, भैया दूज, करवा चौथ सहित अन्य त्योहार इस साल भी बिना पैसे के ही मनाए हैं। नए साल के पहले त्योहार लोहड़ी पर उन्हें उम्मीद थी कि बकाया वेतन मिलेगा लेकिन इस बार भी कुछ नहीं हुआ। पिछले कुछ सालों से वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कई बार प्रशासन और विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर राज्यपाल तक को मांगों से अवगत करवाया लेकिन अभी तक गौर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 52 महीनों से जिस कर्मचारी को वेतन नहीं दिया जाए वह किस प्रकार काम करे और कैसे अपने परिवार का भरन पोषण करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर तब तक डटे रहेंगे जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायण सिंह ने कहा कि पिछले चार महीनों से भी अधिक समय से वह अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गौर करने के बजाए उनकी अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया। दिवाली, भैया दूज, करवा चौथ सहित अन्य त्योहार इस साल भी बिना पैसे के ही मनाए हैं। नए साल के पहले त्योहार लोहड़ी पर उन्हें उम्मीद थी कि बकाया वेतन मिलेगा लेकिन इस बार भी कुछ नहीं हुआ। पिछले कुछ सालों से वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। कई बार प्रशासन और विभाग के उच्च अधिकारियों से लेकर राज्यपाल तक को मांगों से अवगत करवाया लेकिन अभी तक गौर नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 52 महीनों से जिस कर्मचारी को वेतन नहीं दिया जाए वह किस प्रकार काम करे और कैसे अपने परिवार का भरन पोषण करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर तब तक डटे रहेंगे जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता।
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