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राजस्व विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:32 AM IST
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पौनी। पिछले वर्ष बरसात में बारिश के पानी में बही सड़क के बाद हुए खेतों व फसल के नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने पर लैड़ के ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने मार्ग बंद कर प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
बुधवार सुबह लैड़ के ग्रामीणों ने पौनी से कुंड़ खनियाड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग को बंद कर धरना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले वर्ष बारिश के पानी से सड़क को काफी नुकसान हुआ था। इसके साथ ही लोगों के खेतों तथा फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा था। कई दिन तक पौनी को कुंड खनियाड़ी जाने वाला मार्ग पूरी तरह से वाहनों के लिए बंद रहा था। बाद में लोक निर्माण विभाग तथा प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपने खेतों में से वाहनों को आने जाने का रास्ता बनाने को कहा। इसके बदले में ग्रामीणों को हर प्रकार का मुआवजा देने का वादा किया गया था, लेकिन एक वर्ष से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उनको मुआवजे के रूप में कुछ भी नहीं मिला।
ग्रामीणों के सड़क बंद किए जाने का पता चलने के बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही ग्रामीणों की समस्या को हल किया जाएगा। धरना प्रदर्शन समाप्त करने केे बाद ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांग को पूरा करते हुए मुआवजा नहीं दिया गया तो वह दोबारा से मार्ग बंद कर देंगे।
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बुधवार सुबह लैड़ के ग्रामीणों ने पौनी से कुंड़ खनियाड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग को बंद कर धरना दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले वर्ष बारिश के पानी से सड़क को काफी नुकसान हुआ था। इसके साथ ही लोगों के खेतों तथा फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा था। कई दिन तक पौनी को कुंड खनियाड़ी जाने वाला मार्ग पूरी तरह से वाहनों के लिए बंद रहा था। बाद में लोक निर्माण विभाग तथा प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपने खेतों में से वाहनों को आने जाने का रास्ता बनाने को कहा। इसके बदले में ग्रामीणों को हर प्रकार का मुआवजा देने का वादा किया गया था, लेकिन एक वर्ष से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उनको मुआवजे के रूप में कुछ भी नहीं मिला।
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ग्रामीणों के सड़क बंद किए जाने का पता चलने के बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद आश्वासन दिया कि जल्द ही ग्रामीणों की समस्या को हल किया जाएगा। धरना प्रदर्शन समाप्त करने केे बाद ग्रामीणों ने कहा कि अगर उनकी मांग को पूरा करते हुए मुआवजा नहीं दिया गया तो वह दोबारा से मार्ग बंद कर देंगे।
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