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जम्मू संभाग में डेंगू का कहर, जांच में 45 मामले निकले पॉजिटिव, पढ़िए कैसे करें बचाव
Mon, 16 Sep 2019 09:25 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 16 Sep 2019 09:25 PM IST
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डेंगू (सांकेतिक)
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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मानसून के आखिरी पड़ाव के बाद जम्मू संभाग में डेंगू अपने पांव पसारने लगा है। मच्छरों के सक्रिय होने से अब तक संभाग में डेंगू के 45 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। जम्मू जिले में ही 18 मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीजों का पहुंचना जारी है। डेंगू के दर्जनों संदिग्ध मरीजों की खून की जांच की रिपोर्ट आना बाकी है।
हालांकि अभी राहत यह है कि किसी भी पॉजिटिव मामले में पीड़ित की मौत नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर और अक्तूबर माह में डेंगू अधिक सक्रिय रहता है। इसमें दूसरे राज्यों से भी पॉजिटिव मामलों के पहुंचने की आशंका है।
देश के विभिन्न राज्यों में डेंगू का मच्छर सक्रिय है। जम्मू-कश्मीर के लाखों लोग विभिन्न कार्यों से दूसरे राज्यों में बसे हुए हैं। इसमें श्रमिक वर्ग भी शामिल है। पॉजिटिव मामलों में से ज्यादातर दूसरे राज्यों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जम्मू संभाग में जम्मू के अलावा सांबा, राजोरी, उधमपुर सहित अन्य जिलों में डेंगू के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू संभाग में मौजूदा तापमान में डेंगू के लिए जिम्मेदार एलबोपिक्टिस और एडिस एजिप्टी नामक मादा मच्छर के लारवा (अंडा) के पनपने से आशंका ज्यादा रहती है।
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डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही सक्रिय रहता है। यह कमरों के बाहरी स्थानों में छिपा रहता है। मानव शरीर को सूंघने की इसकी काफी शक्ति होती है। स्टेट मलेरियाजिस्ट डॉ. साखी मोहम्मद के अनुसार मच्छरों के खिलाफ अभियान छेड़ा गया है। इसके लिए लोगों में जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। रुके हुए जल स्थलों पर ही डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका अधिक रहती है।
2013 में 1838 मामले आए थे सामने
वर्ष 2018 में संभाग में डेंगू के 214 पाजिटिव मामले सामने आए थे। जबकि वर्ष 2013 में रिकॉर्ड 1838 पाजिटिव मामले जम्मू संभाग में आए थे। इनमें से कई पीड़ितों की जान चली गई थी।
कैसे करें बचाव
1. कूलर, गमलों, टूटे बर्तनों, टायरों में पानी अधिक देर जमा न रहने दें
2. घर में मच्छरों के खात्मे के लिए सभी उपाय अपनाएं
3. बंद नालियाें, निर्माण स्थल, कवर न रहने वाले टैंक आदि पर विशेष ध्यान दें
4. शरीर को ढककर रखने वाले परिधान पहनें
5. बच्चों में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाएं
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हालांकि अभी राहत यह है कि किसी भी पॉजिटिव मामले में पीड़ित की मौत नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर और अक्तूबर माह में डेंगू अधिक सक्रिय रहता है। इसमें दूसरे राज्यों से भी पॉजिटिव मामलों के पहुंचने की आशंका है।
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देश के विभिन्न राज्यों में डेंगू का मच्छर सक्रिय है। जम्मू-कश्मीर के लाखों लोग विभिन्न कार्यों से दूसरे राज्यों में बसे हुए हैं। इसमें श्रमिक वर्ग भी शामिल है। पॉजिटिव मामलों में से ज्यादातर दूसरे राज्यों से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जम्मू संभाग में जम्मू के अलावा सांबा, राजोरी, उधमपुर सहित अन्य जिलों में डेंगू के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू संभाग में मौजूदा तापमान में डेंगू के लिए जिम्मेदार एलबोपिक्टिस और एडिस एजिप्टी नामक मादा मच्छर के लारवा (अंडा) के पनपने से आशंका ज्यादा रहती है।
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डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही सक्रिय रहता है। यह कमरों के बाहरी स्थानों में छिपा रहता है। मानव शरीर को सूंघने की इसकी काफी शक्ति होती है। स्टेट मलेरियाजिस्ट डॉ. साखी मोहम्मद के अनुसार मच्छरों के खिलाफ अभियान छेड़ा गया है। इसके लिए लोगों में जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। रुके हुए जल स्थलों पर ही डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका अधिक रहती है।
2013 में 1838 मामले आए थे सामने
वर्ष 2018 में संभाग में डेंगू के 214 पाजिटिव मामले सामने आए थे। जबकि वर्ष 2013 में रिकॉर्ड 1838 पाजिटिव मामले जम्मू संभाग में आए थे। इनमें से कई पीड़ितों की जान चली गई थी।
कैसे करें बचाव
1. कूलर, गमलों, टूटे बर्तनों, टायरों में पानी अधिक देर जमा न रहने दें
2. घर में मच्छरों के खात्मे के लिए सभी उपाय अपनाएं
3. बंद नालियाें, निर्माण स्थल, कवर न रहने वाले टैंक आदि पर विशेष ध्यान दें
4. शरीर को ढककर रखने वाले परिधान पहनें
5. बच्चों में डेंगू के प्रति जागरूकता बढ़ाएं