{"_id":"5aca681a4f1c1be76b8b472d","slug":"31523214362-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्राइम ब्रांच इस सप्ताह पेश करेगी चार्जशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्राइम ब्रांच इस सप्ताह पेश करेगी चार्जशीट
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। रसाना में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले की चार्जशीट इस सप्ताह कोर्ट में पेश की जाएगी। क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच लगभग पूरी कर ली है और आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच में क्राइम ब्रांच ने हत्या और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी के अलावा सबूत मिटाने के आरोपी पुलिसकर्मियों को भी पकड़ा है। उल्लेखनीय है कि 17 जनवरी कोे बक्करवाल समुदाय की बच्ची के शव को जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया था। उसकी दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह बाद 23 जनवरी को सरकार ने केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों केे दबाव के बाद केस की जांच हाईकोर्ट के निरीक्षण में की जा रही है।
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन भी इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रही है। इस मामले की डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हालांकि लीक हो गई है। स्थानीय लोगों ने क्राइम ब्रांच के खिलाफ भी प्रदर्शन किया और कहा बेकसूर लोगों को हिरासत में लिया गया है। भाजपा ने भी इस केस की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की। इस मांग को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खारिज कर दी और कहा कि मामले की 95 फीसदी जांच पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
फहदमीर फाउंडेशन गैर सरकारी संगठन और हरियाणा की स्वर रागा ने भी शनिवार को इस मामले में सांप्रदायिक रंग देने के आरोप लगाए। सामाजिक अपराध को कोई भी सांप्रदायिक रंग देने के खिलाफ इन संगठनों ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध से संघर्ष करने की घोषणा की। राजनीतिक एवं सांप्रदायिक एजेंडे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने की भी बात की।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच में क्राइम ब्रांच ने हत्या और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी के अलावा सबूत मिटाने के आरोपी पुलिसकर्मियों को भी पकड़ा है। उल्लेखनीय है कि 17 जनवरी कोे बक्करवाल समुदाय की बच्ची के शव को जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया था। उसकी दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह बाद 23 जनवरी को सरकार ने केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी। कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों केे दबाव के बाद केस की जांच हाईकोर्ट के निरीक्षण में की जा रही है।
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन भी इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग कर रही है। इस मामले की डीएनए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हालांकि लीक हो गई है। स्थानीय लोगों ने क्राइम ब्रांच के खिलाफ भी प्रदर्शन किया और कहा बेकसूर लोगों को हिरासत में लिया गया है। भाजपा ने भी इस केस की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की। इस मांग को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खारिज कर दी और कहा कि मामले की 95 फीसदी जांच पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
फहदमीर फाउंडेशन गैर सरकारी संगठन और हरियाणा की स्वर रागा ने भी शनिवार को इस मामले में सांप्रदायिक रंग देने के आरोप लगाए। सामाजिक अपराध को कोई भी सांप्रदायिक रंग देने के खिलाफ इन संगठनों ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध से संघर्ष करने की घोषणा की। राजनीतिक एवं सांप्रदायिक एजेंडे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने की भी बात की।