अमरनाथ यात्रा निशाने पर, 1 महीने में 3 बार यात्रा रूट पर आतंकी हमला
एक महीने में अमरनाथ यात्रा रूट तीन आतंकी हमलों ने यात्रा की सुरक्षा को चुनौति पूर्ण बना दिया है। बेशक सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त का दावा किया जा रहा हो, लेकिन, हकीकत यही है कि हमलों ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट भी हैं कि अमरनाथ यात्रा आतंकियों के निशाने पर है।
पिछले 40 दिन में आतंकी वारदातों में 38 आतंकी मारे गए हैं, 12 आतंकी जिंदा पकड़े गए हैं। जबकि आतंकियों से लोहा लेते 21 जवान शहीद हुए हैं। आतंकियों ने 4 जून से लेकर 25 जून तक लगातार हमले किए हैं। इनमें तीन हमले अमरनाथ यात्रा रूट पर हुए हैं। 4 जून को अनंतनाग में हमला किया, 17 जून को कुद में हाईवे पर हमला हुआ और अब पंपोर में हमला हुआ।
60 से अधिक कंपनियां तैनात
दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए बीएसएफ, एसएसबी, सीआरपीएफ, आईटीबीपी की 60 से अधिक कंपनियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा पुलिस भी तैनात हैं। लगभग छह हजार सुरक्षा बल यात्रा की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
बेखौफ होकर आएं यात्री: डीजीपी
डीजी के राजेंद्रा कुमार ने माना कि आतंकी हमले बढ़े हैं। लेकिन, तमाम आतंकियों को भी मार गिराया गया है। वह पीक समय में गली कूचों से निकल हमला बोल देते हैं। लेकिन, ऐसी एक दो घटनाओं से यात्रा को कोई खतरा नहीं।
अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता और पर्याप्त बंदोबस्त हैं। यात्रियों को हर तरह की सुरक्षा दी जाएगी और यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। अमरनाथ यात्री बेखौफ होकर आएं। लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक सुरक्षा के बंदोबस्त कड़े हैं।