दो वर्ष में तीन फिदायीन हमले झेल चुका है ये जिला
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पड़ोसी राज्य पंजाब के सरहदी इलाके दीनानगर में आतंकी हमले से जिले में हाल के वर्षों में हुए आतंकी हमलों की याद ताजा हो गई। जम्मू कश्मीर से सटे और कठुआ जिला मुख्यालय से महज 40 किलोमीटर दूर स्थित दीनानगर इलाके में आतंकी हमले की दहशत जिले भर में महसूस की गई।
एक तरफ आतंकी हमले के बाद घंटों लगातार मुठभेड़ जारी थी तो इधर लोगों के जेहन में पिछले दो वर्ष के दौरान हुए तीन आतंकी हमलों की तस्वीरें घूम रही थीं। अलसुबह का वक्त और पुलिस थाने को निशाना बनाने का तौर तरीका हर किसी को हीरानगर और राजबाग पुलिस थानों पर हुए हमलों की याद दिलाने लगा। इस बीच लोगों में अपने रिश्तेदारों का कुशलक्षेम जानने के लिए बेचैनी भी बढ़ गई।
दरअसल कठुआ जिले में कई परिवारों की पंजाब के गुरदासपुर जिले में रिश्तेदारी है। पड़ोसी इलाका होने की वजह से कठुआ और गुरदासपुर जिलों के बीच पारंपरिक रिश्ते भी हैं। ऐसे में लोग अपने अपने रिश्तेदारों के घर फोन कर उनके सुरक्षित होने की खबर पूछने में लगे रहे।
सरहदी इलाके में सनसनी मच गई
इससे पूर्व सोमवार तड़के आतंकी हमले की सूचना मिलने पर कठुआ जिले के सरहदी इलाके में सनसनी मच गई। गौरतलब है कि पिछले दो वर्ष में कठुआ जिला तीन फिदायीन हमले झेल चुका है।
वर्ष 2013 में 26 सितंबर की सुबह आतंकियों ने हीरानगर थाने पर हमला बोल दिया था। खूनी खेल को अंजाम देकर आतंकियों ने सांबा के सैन्य शिविर को निशाना बनाया।
वहीं 28 मार्च 2014 को आतंकियों ने पहले दयालाचक और उसके बाद कठुआ शहर से सटे जंगलोट सैन्य शिविर पर हमला कर दिया।
इसके करीब एक वर्ष बाद 20 मार्च 2015 को आतंकियों ने जम्मू नई दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित राजबाग पुलिस थाने पर हमला कर दिया था। दो वर्ष में तीन आतंकी हमले देख चुके जिले में दीनानगर आतंकी हमले की सूचना से सनसनी मची रही।